लहरतारा-बौलिया इलाके में गुरुवार सुबह से लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई शुरू कर दी। 6 लेन सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को हटाने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया।

PWD के अनुसार, इस परियोजना के तहत कुल 100 मकानों को नोटिस दिया गया था। इनमें से 41 मकानों को गुरुवार को ध्वस्त किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि ये सभी निर्माण अवैध हैं और सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे थे।
सुबह अचानक शुरू हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें सिर्फ एक दिन पहले शाम को सामान हटाने के लिए कहा गया और अगले ही दिन सुबह 8 बजे भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी पहुंच गए। लोगों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे वे अपना सामान भी पूरी तरह नहीं हटा सके।
दुकान आंशिक तोड़नी थी, पूरी ढह गई
बौलिया तिराहे पर 50 साल पुरानी स्टेशनरी दुकान चलाने वाले सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनकी दुकान का केवल डेढ़ मीटर हिस्सा तोड़ा जाना था। उन्होंने मोहलत भी मांगी थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान जेसीबी से पूरा फ्रंट ढह गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया।

ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ जगहों पर लोगों और अधिकारियों (PWD) के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। खासतौर पर पंप हाउस को न तोड़े जाने पर स्थानीय लोग नाराज दिखे। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और कार्रवाई जारी रखी।
PWD के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी, सभी प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था और चिह्नांकन के अनुसार ही मकानों को हटाया जा रहा है
PWD: 31 किमी लंबी 6 लेन सड़क परियोजना
यह कार्रवाई मोहनसराय बाईपास से मुगलसराय तक बनने वाली 31 किमी लंबी 6 लेन सड़क परियोजना का हिस्सा है। परियोजना (PWD) की लागत करीब 197.40 करोड़ रुपये है, बौलिया तिराहा तक सड़क का निर्माण पहले ही हो चुका है और आगे का काम आबादी क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण रुका हुआ था।
इस मामले को लेकर चंद्रशेखर आज़ाद (नगीना सांसद) ने 29 जुलाई को योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।

