Varanasi: दालमंडी में बुलडोजर की गूंज, पोकलैंड मशीन से 5 अवैध मकान ध्वस्त, अब तक 150 भवनों पर कार्रवाई

Varanasi: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार तड़के एक बार फिर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सुबह करीब 7 बजे वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा अवैध घोषित पांच मकानों को पोकलैंड मशीन और बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा और किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया।

ध्वस्तीकरण अभियान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी भारी पुलिस बल (Varanasi) के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे।

वीडीए के नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार जिन पांच मकानों को ध्वस्त किया गया, उन्हें पहले ही वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित किया जा चुका था। मकान मालिकों को नोटिस जारी करने के साथ ही मुनादी कराकर भवन खाली करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय बीतने के बाद सोमवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि दालमंडी क्षेत्र (Varanasi) में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व में दी गई चेतावनी और नोटिस के बावजूद भवन खाली नहीं किए गए थे, जिसके चलते प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

Varanasi: अब तक 150 भवनों पर चला हथौड़ा

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना (Varanasi) के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कुल 181 भवनों और दुकानों को चिह्नित किया था। सोमवार की कार्रवाई के बाद अब तक 150 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें लगभग 70 भवन पूरी तरह जमींदोज किए जा चुके हैं।

परियोजना के तहत प्रभावित भवन स्वामियों को अब तक 65 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि शेष भवनों को भी जल्द हटाकर भूमि खाली कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के.के. सिंह के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह तक सभी चिह्नित भवनों को हटाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सड़क चौड़ीकरण का कार्य निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके।

इन भवनों पर हुई कार्रवाई

सोमवार को जिन भवनों को ध्वस्त किया गया, उनमें मकान संख्या सीके-42/94, 95, सीके-43/145, सीके-43/175-बी, सीके-50/204 और सीके-43/123 शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक इन सभी भवनों को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था और मकान मालिकों (Varanasi) को कार्रवाई की जानकारी दे दी गई थी।

क्या है दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना?

वाराणसी की ऐतिहासिक और व्यस्त दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। यह परियोजना काशी (Varanasi) के यातायात प्रबंधन और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास किया था। परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 215.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। वहीं प्रभावित 181 भवन एवं दुकान स्वामियों को लगभग 191 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।

प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, जबकि स्थानीय लोगों का एक वर्ग इसे अपनी विरासत और आजीविका से जुड़ा मुद्दा मानते हुए चिंता भी जता रहा है। फिलहाल प्रशासन परियोजना (Varanasi) को तय समय में पूरा करने के लिए तेज गति से ध्वस्तीकरण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

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