गंगा नदी में डूब रहे एक युवक की जान 11वीं वाहिनी NDRF की त्वरित कार्रवाई और प्रशिक्षित बचाव दल की सतर्कता से बच गई। शनिवार सुबह वाराही घाट पर पिकेट ड्यूटी के दौरान एनडीआरएफ टीम ने कुछ ही मिनटों में सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11वीं वाहिनी NDRF की टीम वाराही घाट पर नियमित पिकेट ड्यूटी पर तैनात थी। सुबह लगभग 8:40 बजे टीम की नजर गंगा में स्नान कर रहे एक युवक पर पड़ी, जो अचानक गहरे पानी में पहुंच जाने के कारण डूबने लगा। युवक को पानी में संघर्ष करते देख मौके पर मौजूद एनडीआरएफ कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया और बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया।
NDRF ने लाइफ बॉय के सहारे निकाला बाहर
NDRF के प्रशिक्षित बचावकर्मी तत्काल लाइफ बॉय लेकर गंगा में उतरे और तेज गति से युवक तक पहुंचे। कुछ ही मिनटों में उन्होंने युवक को सुरक्षित पकड़कर नदी के तट तक पहुंचा दिया। बचाव के बाद युवक को प्राथमिक सहायता प्रदान की गई। जांच के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई और किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं मिली।
बचाए गए युवक की पहचान पुनीत शर्मा (28 वर्ष), पुत्र विवेक शर्मा, निवासी गोपालगंज, बिहार के रूप में हुई। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और युवक को सुरक्षित बचा लिया गया।
घाट पर मौजूद लोगों ने की सराहना
घटना के समय वाराही घाट और आसपास के घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। सभी ने एनडीआरएफ के जवानों की तत्परता और साहसिक कार्य को प्रत्यक्ष रूप से देखा। रेस्क्यू अभियान की सफलता के बाद उपस्थित लोगों ने एनडीआरएफ टीम की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए उनके साहस और पेशेवर दक्षता की प्रशंसा की।
इस अवसर पर NDRF के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने आमजन से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान अथवा अन्य गतिविधियों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
उन्होंने लोगों से गहरे पानी में जाने से बचने, चेतावनी संकेतों पर ध्यान देने तथा तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मानसून के मौसम में नदियों का जलस्तर और प्रवाह अचानक बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

