काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मधुबन पार्क में कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहा धरना गुरुवार को नौवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने इस दौरान बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

धरना स्थल पर आयोजित हस्ताक्षर अभियान (BHU) में हजारों कर्मचारियों और उनके समर्थकों ने भाग लिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले नौ दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
कुलपति से की जल्द निर्णय की अपील
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति से अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से समझा जाए और उनके नियमितीकरण पर जल्द निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से विश्वविद्यालय में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल रहा, जिससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है।
BHU: हमें भी मिले स्थायित्व का अधिकार
कर्मचारियों (BHU) ने कहा कि वे संस्थान के विकास में लगातार योगदान दे रहे हैं, ऐसे में उन्हें भी स्थायी नौकरी का अधिकार मिलना चाहिए। नियमितीकरण से न केवल उनकी नौकरी सुरक्षित होगी, बल्कि उनके परिवारों का भविष्य भी बेहतर हो सकेगा।

धरने के दौरान कर्मचारियों (BHU) ने नारेबाजी, शांतिपूर्ण बैठकर प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान जैसे माध्यमों से अपनी बात रखने की कोशिश की। पूरे प्रदर्शन के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखी गई, जिससे आंदोलन की गंभीरता और एकजुटता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
महिला कर्मचारियों की मजबूत भागीदारी
इस आंदोलन की खास बात यह रही कि सैकड़ों की संख्या में महिला कर्मचारी भी सक्रिय रूप से इसमें शामिल रहीं। उनकी भागीदारी ने आंदोलन (BHU) को और मजबूती दी है। महिला कर्मचारियों ने भी प्रशासन से जल्द नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
कर्मचारियों (BHU) ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे और व्यापक रूप देंगे।

