Varanasi: उत्तर प्रदेश विद्यालय प्रबंधक महासभा के 30वें प्रांतीय अधिवेशन के दूसरे एवं अंतिम दिन संगठन की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान विभिन्न पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई।
निर्वाचन परिणाम के अनुसार राज बहादुर सिंह को महासभा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया, जबकि नर्सिंह नारायण दूबे को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा राजेंद्र सिंह पटेल को महामंत्री, अजेंद्र द्विवेदी को संगठन मंत्री तथा अमरनाथ मौर्य को कोषाध्यक्ष (Varanasi) निर्वाचित किया गया। नवगठित कार्यकारिणी को संगठन के अन्य पदाधिकारियों के चयन का भी अधिकार दिया गया, जिसके तहत पांच अतिरिक्त पदाधिकारियों को नामित किया गया।
Varanasi: शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर हुई चर्चा
अधिवेशन के समापन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान महासभा (Varanasi) की ओर से विद्यालय प्रबंधन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को समाहित करते हुए 24 सूत्रीय मांगपत्र उन्हें सौंपा गया।
मंत्री अनिल राजभर ने संगठन की मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बिंदुओं पर शासन स्तर पर विचार करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया। महासभा की ओर से नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष राज बहादुर सिंह ने प्रस्ताव प्रस्तुत कर मांगपत्र मंत्री को सौंपा।कार्यक्रम (Varanasi) का संचालन प्रभात रंजन ने किया। वहीं अमरनाथ मौर्य ने अतिथियों का स्वागत किया और यजेन्द्र दूबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए विद्यालय प्रबंधकों ने निजी विद्यालयों के समक्ष मौजूद चुनौतियों, शिक्षा नीति, प्रशासनिक समस्याओं और संगठन (Varanasi) की भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।नई कार्यकारिणी के गठन के साथ महासभा ने विद्यालय प्रबंधकों के अधिकारों और शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए अपने आंदोलन एवं संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

