मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी डैम (Jabalpur Bargi Dam) पर 30 अप्रैल को बड़ा हादसा हो गया, जब सैलानियों से भरा एक क्रूज तेज आंधी-तूफान के बीच पलटकर डूब गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं, 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
Jabalpur Bargi Dam: कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्रूज में करीब 30 से अधिक लोग सवार थे। अचानक आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम के चलते क्रूज असंतुलित होकर डैम में डूब गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना (Jabalpur Bargi Dam) के बाद SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
- अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं
- 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
- लापता लोगों की तलाश युद्ध स्तर पर जारी है
रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन (Jabalpur Bargi Dam) चलता रहा और अब भी टीमें डूबे क्रूज के आसपास सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
लाइफ जैकेट से बचीं कई जानें
बताया जा रहा है कि क्रूज में मौजूद लाइफ सेविंग जैकेट की वजह से कई लोगों की जान बचाई जा सकी। जिन यात्रियों ने जैकेट पहन रखी थी, उन्हें बचाव दल ने आसानी से रेस्क्यू कर लिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे (Jabalpur Bargi Dam) पर गहरा दुख जताया है।
- मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
- मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश
- राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के आदेश
वहीं, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं।
अधिकारियों के अनुसार, हादसे के समय मौसम बेहद खराब था—तेज बारिश, अंधेरा और गहरा पानी रेस्क्यू में बड़ी बाधा बने। फिलहाल विशेषज्ञ टीमें (Jabalpur Bargi Dam) ही ऑपरेशन संभाल रही हैं। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या क्रूज संचालन में किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी।

