Varanasi: कोतवाली थाना क्षेत्र से पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ आरोपी आफताब अंसारी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रसूलपुर-हरहुआ, बड़ागांव निवासी आफताब को सोमवार देर रात पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने प्रयागराज, दिल्ली और मुंबई तक पीछा करने के बाद उसे वाराणसी में ही धर दबोचा।
बताया जा रहा है कि आफताब गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत से भाग निकला था, जिसके बाद पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं। एसीपी विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों (Varanasi) ने विभिन्न शहरों में दबिश दी। आरोपी मुंबई तक पहुंच गया था, लेकिन वहां से बचते-बचाते दोबारा वाराणसी लौट आया, जहां इस बार वह पुलिस से बच नहीं सका।
फर्जी पहचान बनाकर की शादी
पुलिस (Varanasi) जांच में सामने आया है कि आफताब शादी समारोहों में भोजन बनाने का ठेका लेता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक हिंदू युवती से हुई। आरोपी ने खुद को ‘अमित’ बताकर युवती से दोस्ती की और काम दिलाने के बहाने नजदीकियां बढ़ाईं। बाद में उसने फर्जी पहचान के आधार पर युवती से शादी कर ली।
Varanasi: धर्म परिवर्तन का दबाव और प्रताड़ना
शादी के बाद आरोपी युवती को अपने घर ले जाने के बजाय लहरतारा स्थित नई बस्ती में किराए के मकान में रखता था। कुछ समय बाद युवती को उसकी असली पहचान का पता चला। विरोध करने पर आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। प्रताड़ना बढ़ने पर युवती किसी तरह वहां से निकलकर अपने परिजनों के पास पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी।
मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने आफताब उर्फ अमित, उसके पिता नबी रसूल, गंगाजलि और मिट्ठू अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि, वह पुलिस (Varanasi) को चकमा देकर फरार हो गया था, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

