Varanasi के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले दालमंडी इलाके में चल रहे चौड़ीकरण और सौंदरीकरण अभियान ने अब नया मोड़ ले लिया है। मकानों और दुकानों पर कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की नजर उन छह मस्जिदों पर है, जो प्रस्तावित मार्ग परियोजना के दायरे में आ रही हैं।
यह परियोजना काशी विश्वनाथ मंदिर (Varanasi) तक सुगम और चौड़ा मार्ग तैयार करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। प्रशासन इसे शहर के विकास, यातायात सुधार और धार्मिक पर्यटन से जोड़कर देख रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चा और संवेदनशीलता लगातार बढ़ती जा रही है।
काशी विश्वनाथ धाम तक सीधा संपर्क मार्ग
प्रशासन की योजना दालमंडी बाजार से काशी विश्वनाथ धाम तक एक व्यवस्थित और चौड़ा मार्ग तैयार करने की है। इसी क्रम में 180 से अधिक मकानों और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है।
PWD, नगर निगम और जिला प्रशासन (Varanasi) की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 100 से अधिक मकानों को हटाया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
Varanasi: छह मस्जिदें परियोजना की जद में
अब जिन धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ है, उनमें लंगड़ा हाफिज मस्जिद, करीमुल्ला बेग मस्जिद, संगमरमर वाली मस्जिद, निसारन मस्जिद, अली रजा मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद (Varanasi) शामिल हैं। प्रशासन ने मस्जिदों के मुतवल्ली और संबंधित कमेटियों से बातचीत शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी पक्षों से सहमति बनाकर आगे की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय विरोध के बाद प्रशासन सतर्क
इससे पहले जब क्षेत्र में मकानों और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी, तब स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने विरोध दर्ज कराया था। कई परिवारों ने अपने पुश्तैनी कारोबार और पुराने मकानों के टूटने पर नाराजगी जाहिर की थी।
अब मामला धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के कारण प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत शांतिपूर्ण माहौल में चल रही है और किसी भी प्रकार का तनाव पैदा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
जिला प्रशासन (Varanasi) की ओर से संकेत मिले हैं कि इन छह मस्जिदों को 31 मई तक खाली कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। वहीं पूरे चौड़ीकरण और सौंदरीकरण प्रोजेक्ट को 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ-साथ संवेदनशील मुद्दों को संवाद के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

