Varanasi: जल्द ही देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक बर्न इंस्टिट्यूट का गवाह वाराणसी शहर बनने जा रहा है। जले हुए मरीजों के समुचित और आधुनिक इलाज की कमी को दूर करने के उद्देश्य से यह महत्वाकांक्षी परियोजना तेजी से आकार ले रही है। इस संस्थान की सबसे खास बात यह होगी कि यहां प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत का पहला स्किन बैंक (त्वचा बैंक) भी स्थापित किया जाएगा।
यह ड्रीम प्रोजेक्ट जंसा क्षेत्र (Varanasi) के कुरसातो गांव में लगभग 4.5 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। प्रतिष्ठित प्लास्टिक सर्जन डॉ सुबोध कुमार सिंह के नेतृत्व में बन रहा यह “वाराणसी बर्न इंस्टिट्यूट” देश में बर्न ट्रीटमेंट के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
Varanasi: संस्थान में होंगी ये सुविधाएं
- 126 बेड की क्षमता
- 26 आईसीयू यूनिट
- 6 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर
- स्किन बैंक और ब्लड बैंक
- ट्रेनिंग एवं रिसर्च सेंटर
क्यों जरूरी है ऐसा संस्थान?
भारत में हर साल करीब 60–70 लाख लोग जलने की दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। इनमें से:
- 1.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है
- 2 लाख से अधिक लोग स्थायी विकृति का शिकार हो जाते हैं
- 80% गंभीर मरीजों को आधुनिक इलाज नहीं मिल पाता
ऐसे में यह संस्थान हजारों मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है।
इस बर्न इंस्टिट्यूट (Varanasi) में स्थापित होने वाला स्किन बैंक, उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए भी पहला होगा। मृत्यु के 6 घंटे के भीतर दाता की त्वचा निकाली जाती है और विशेष प्रक्रिया के बाद इसे -20°C पर 5 साल तक सुरक्षित रखा जाता है
ऐसे में गंभीर रूप से जले मरीजों में शरीर की त्वचा खत्म हो जाती है। उन्हें स्किन बैंक से प्राप्त त्वचा को अस्थायी रूप से लगाकर संक्रमण रोका जाता है, घाव भरने में मदद मिलती है और जीवन बचने की संभावना बढ़ती है
सभी प्रकार के बर्न का होगा इलाज
संस्थान (Varanasi) में हर तरह के बर्न के लिए विशेष यूनिट्स विकसित की जा रही हैं, इसमें इलेक्ट्रिक बर्न, केमिकल और एसिड बर्न, स्मोक इनहेलेशन, रेडिएशन और कोल्ड बर्न के साथ ही ऑक्सीजन चैंबर (हाइपरबैरिक ऑक्सीजन थेरेपी) की भी सुविधा होगी, जो गंभीर मरीजों के उपचार में सहायक होगी।
डॉ. सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि संस्थान में 25% गरीब मरीजों का पूरी तरह नि:शुल्क इलाज किया जायेगा। इसके अलावा 50% मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना व सब्सिडी से और बचे हुए 25% समर्थ मरीजों का सशुल्क इलाज मिलेगा। वहीं कॉर्पोरेट और सक्षम मरीजों से प्राप्त राशि का उपयोग गरीब मरीजों (Varanasi) के इलाज में किया जाएगा।

