Varanasi: पूर्वांचल की प्रमुख व्यापारिक मंडियों में शुमार दालमंडी में चल रही चौड़ीकरण परियोजना की धीमी रफ्तार पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताई है। अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए गए हैं कि बरसात शुरू होने से पहले हर हाल में ध्वस्तीकरण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
मिली जानकारी के अनुसार, दालमंडी में चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई (Varanasi) अब तक 50 प्रतिशत भी पूरी नहीं हो सकी है। इस सुस्ती को गंभीरता से लेते हुए शासन ने संबंधित विभागों को तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
187 मकानों पर होनी है कार्रवाई
इस परियोजना के तहत कुल 187 मकानों का ध्वस्तीकरण (Varanasi) किया जाना है। शासन का स्पष्ट कहना है कि मानसून आने से पहले सभी मकानों पर कार्रवाई पूरी हो जानी चाहिए। साथ ही, मकान मालिकों से जल्द रजिस्ट्री कराकर मुआवजा वितरण भी समय पर सुनिश्चित किया जाए।
Varanasi: 215 करोड़ की लागत से बनेगी चौड़ी सड़क
दालमंडी चौड़ीकरण (Varanasi) योजना के तहत नई सड़क से चौक तक करीब 650 मीटर लंबी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 215.59 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
इस परियोजना को PWD, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण (Varanasi) के साथ ही इलाके में नाली, सीवर और बिजली से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
अब तक 47 मकानों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है और करीब 33 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में भवन स्वामियों को दिए जा चुके हैं। हालांकि, काम की धीमी गति को देखते हुए शासन ने इसमें और तेजी लाने पर जोर दिया है।
उत्तर प्रदेश में संभावित मानसून (लगभग 22 जुलाई) से पहले इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। शासन (Varanasi) का मानना है कि बारिश शुरू होने के बाद कार्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए समयबद्ध तरीके से काम निपटाना जरूरी है।

