Varanasi: प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने आज वाराणसी के गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” आधारित कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
अपने उद्बोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक (Varanasi) कदम है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को मजबूती मिली है, जो अब वास्तविक रूप में धरातल पर दिखाई दे रही है। उन्होंने तीन तलाक के उन्मूलन और ग्रामीण शौचालय निर्माण जैसे कदमों को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण बताया।
Varanasi: विपक्ष पर जमकर बोला हमला
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीति केवल बाधाएं उत्पन्न करने तक सीमित है, जबकि सरकार महिलाओं (Varanasi) को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह अधिनियम देशभर में नई दिशा तय करेगा और हर भारतीय को इस पर गर्व होगा।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सहित भारतीय जनता पार्टी की कई वरिष्ठ महिला नेत्रियां भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर स्मृति ईरानी ने भी पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संसद में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर गंभीर चर्चा (Varanasi) हो रही है, जो जल्द ही कानून का रूप लेने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस ऐतिहासिक पहल का विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें बराबरी का दर्जा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि “वास्तव में देश की मातृशक्ति के सम्मान का समय आ गया है। यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त करने के साथ-साथ समाज में समानता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।”

