Varanasi: जनपद के छितौनी गांव निवासी शुभम जायसवाल को जामिया मिलिया इस्लामिया से राजनीति विज्ञान विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त हुई है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
डॉ. शुभम जायसवाल का शोध कार्य समकालीन भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण विषय—राजनीतिक नैरेटिव और चुनावी प्रक्रिया—पर केंद्रित रहा। अपने अध्ययन में उन्होंने यह विश्लेषण किया कि चुनावों के दौरान बनाए गए राजनीतिक कथानक किस तरह मतदाताओं की सोच, सामाजिक पहचान और निर्णयों (Varanasi) को प्रभावित करते हैं।
इस शोध के लिए उन्होंने वाराणसी और मेरठ जिलों में व्यापक फील्डवर्क किया और करीब 300 लोगों से प्रत्यक्ष साक्षात्कार के जरिए आंकड़े जुटाए। उनके अध्ययन (Varanasi) में यह सामने आया कि राजनीतिक दलों द्वारा निर्मित नैरेटिव न केवल चुनावी रणनीतियों को प्रभावित करते हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों की राजनीतिक भागीदारी पर भी गहरा असर डालते हैं।
Varanasi: तीन विश्वविद्यालयों में हुआ चयन
डॉ. शुभम जायसवाल का चयन एक साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया (Varanasi) में पीएचडी के लिए हुआ था। उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया को प्राथमिकता दी।
उन्होंने एम.फिल. की डिग्री महात्मा गांधी (Varanasi) अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से प्राप्त की, जबकि स्नातक (बी.ए.) और परास्नातक (एम.ए.) की पढ़ाई बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पूरी की। डॉ. जायसवाल के शोध लेख विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगातार प्रकाशित होते रहे हैं। वे शैक्षणिक, वैचारिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

