Varanasi में सोमवार को आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण उस समय और भक्तिमय हो उठा, जब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। दोनों नेताओं ने रुद्राभिषेक कर प्रदेश और देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर (Varanasi) में भक्तिमय माहौल बना रहा। वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने गर्भगृह में पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। पूजन के दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में भी दोनों वीआईपी के आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में शामिल
दर्शन-पूजन के बाद दोनों अतिथि मंदिर परिसर स्थित त्र्यंबकेश्वर सभागार में आयोजित सोमनाथ संकल्प महोत्सव कार्यक्रम (Varanasi) में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य, विद्वान और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के जरिए सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में धार्मिक स्थलों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी।
Varanasi: आध्यात्मिक विरासत की सराहना
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ (Varanasi) की नगरी पूरे देश की आस्था का केंद्र है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपरा का प्रतीक है।
दोनों वीआईपी के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यूपी पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे।
श्रद्धालुओं (Varanasi) की सघन जांच की गई और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया। जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की। मंदिर क्षेत्र में साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे दर्शन-पूजन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

