सुवेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब बलिया तक पहुंच गई है। इस हाई प्रोफाइल मामले में कोलकाता पुलिस ने बलिया निवासी राज सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में दो बिहार के शूटरों को भी हिरासत में लिया है।
राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद बलिया के आनंद नगर इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार का आरोप है कि राज सिंह को साजिश के तहत फंसाया गया है। उसकी मां जामवंती सिंह ने बेटे को निर्दोष बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
मां का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
परिजनों के मुताबिक, राज सिंह की गिरफ्तारी बिहार के बक्सर से नहीं बल्कि अयोध्या से हुई। मां का कहना है कि पूरा परिवार राम मंदिर दर्शन के लिए अयोध्या गया था। इसी दौरान एसओजी टीम ने राज सिंह समेत परिवार के चार लोगों को हिरासत में लिया। उनका आरोप है कि एक दिन तक थाने में रखने के बाद बंगाल पुलिस (PA) राज सिंह को फ्लाइट से पश्चिम बंगाल ले गई।
राज सिंह की मां ने दावा किया कि घटना वाले दिन के फुटेज उनके पास मौजूद हैं, जो बेटे की बेगुनाही साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज सिंह का कभी कोलकाता आना-जाना नहीं रहा और न ही पश्चिम बंगाल में कोई रिश्तेदारी है। परिवार के अनुसार राज सिंह क्षत्रिय महासभा से भी जुड़ा रहा है, जबकि उसकी मां बलिया के रसड़ा डाकघर में कर्मचारी हैं।
कैसे हुई सीएम के PA की हत्या?
गौरतलब है कि 6 मई की रात चंद्रनाथ रथ (PA) की हत्या उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, चार मोटरसाइकिलों पर सवार आठ हमलावरों ने उनकी कार का पीछा किया और बेहद करीब से फायरिंग की। हमलावर वारदात के तुरंत बाद फरार हो गए।
जांच के दौरान पुलिस ने एक कार और बाइक बरामद की है। साथ ही मोबाइल टावर डेटा की जांच में कुछ नंबर उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए, जिसके बाद जांच की कड़ियां बलिया तक पहुंचीं। सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को पूर्व-नियोजित हत्या (PA) बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और पुलिस कई एंगल से जांच में जुटी हुई है।

