Khushi Ki Udaan संस्था ने मातृ दिवस के अवसर पर राजकीय वृद्धाश्रम में एक भावनात्मक और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान वृद्धाश्रम में रह रही माताओं के साथ समय बिताकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों (Khushi Ki Udaan) ने वृद्ध माताओं को उपहार भेंट किए और प्रेम, सम्मान व आत्मीयता के साथ मातृ दिवस मनाया। गीत-संगीत, नृत्य, हंसी-मजाक और संवाद के जरिए ऐसा माहौल बना कि पूरा वृद्धाश्रम पारिवारिक स्नेह से भर उठा। कई माताएं भावुक हो उठीं और उन्होंने संस्था के इस प्रयास की सराहना की।
“कोई भी मां खुद को अकेला महसूस न करे”
Khushi Ki Udaan संस्था की संस्थापिका सारिका दुबे ने कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और त्याग का स्वरूप होती हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रह रही माताओं के चेहरे पर मुस्कान लाना संस्था के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।

उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में माताओं के सम्मान और सेवा के लिए आगे आना चाहिए, ताकि कोई भी मां खुद को अकेला महसूस न करे।
Khushi Ki Udaan के कई सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में रितेश मिश्रा, आहिल खान, रिया, प्रेमलता, प्रीति, शीतांशु, मोहित, सागर, हिमांशु, मुस्कान साहू, आशीष जायसवाल और पूनम जायसवाल सहित संस्था के कई सदस्य (Khushi Ki Udaan) मौजूद रहे। इसके अलावा बाबा जी की फ्री पाठशाला से राजीव टंडन और आरती टंडन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी सदस्यों ने वृद्ध माताओं के साथ आत्मीयता से समय बिताकर मातृ दिवस को यादगार बना दिया। संस्था के इस मानवीय प्रयास की स्थानीय लोगों द्वारा भी काफी सराहना की जा रही है।

