गाजियाबाद में शुक्रवार को आयोजित भव्य परेड समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF को प्रतिष्ठित “राष्ट्रपति ध्वज” प्रदान किया। यह सम्मान किसी भी सुरक्षा बल को मिलने वाला सर्वोच्च गौरव माना जाता है, जो उसकी उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक होता है।
यह समारोह 8वीं वाहिनी NDRF परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें एनडीआरएफ के महानिदेशक पियूष आनंद सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, बचावकर्मी और उनके परिजन मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव गोविन्द मोहन, आईबी निदेशक तपन कुमार डेका, विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य आपदा मोचन बलों के प्रतिनिधि तथा एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र संगठन और “आपदा मित्र” स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया।
20 वर्षों में बनाई अलग पहचान
19 जनवरी 2006 को स्थापना के बाद से NDRF ने अपने ध्येय वाक्य “आपदा सेवा सदैव सर्वत्र” को चरितार्थ करते हुए देश और दुनिया में विशेष पहचान बनाई है। वर्तमान में बल की 16 बटालियनें देशभर के 69 स्थानों पर तैनात हैं। आपदा राहत अभियानों में उत्कृष्ट कार्य के कारण एनडीआरएफ को “एंजेल्स इन ऑरेंज” के नाम से भी जाना जाता है।
अब तक NDRF ने लगभग 12 हजार बड़े अभियानों का सफल संचालन किया है। इन अभियानों में डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि बाढ़, चक्रवात, भूस्खलन और शहरी आपदाओं के दौरान 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
एनडीआरएफ ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी क्षमता साबित की है। जापान (2011), नेपाल (2015), तुर्की (2023), म्यांमार (2025) और श्रीलंका (2025) सहित कई देशों में राहत और बचाव अभियानों में भारतीय टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अमित शाह ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति ध्वज केवल सम्मान नहीं, बल्कि बल के अनुशासन, त्याग और सेवा भावना की सर्वोच्च पहचान है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय एनडीआरएफ देशवासियों के लिए भरोसे और आशा का प्रतीक बनकर उभरा है।
गृह मंत्री ने कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए NDRF के 17 जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। साथ ही प्रधानमंत्री Narendra Modi के “आपदा जोखिम न्यूनीकरण के दस सूत्रीय एजेंडा” का उल्लेख करते हुए मानवीय सहायता और आपदा राहत में NDRF की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की।
नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने देहरादून स्थित एनडीआरएफ क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही अगरतला, एर्नाकुलम, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर समेत छह पूर्वोत्तर क्षेत्रीय प्रतिक्रिया की भी रिकार्डिंग की गई।
इसके अलावा गृह मंत्री ने 10 अधिकारियों को विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक तथा तीन बचावकर्मियों को उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया। समारोह में ITBP ब्रास एंड पाइप बैंड की प्रस्तुति और NDRF जवानों के रोप रेस्क्यू प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

