धर्म और अध्यात्म की नगरी Varanasi एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला मां गंगा में स्नान के दौरान कुछ युवकों द्वारा खुलेआम बीयर पीने और उसका प्रदर्शन करने से जुड़ा है। वीडियो सामने आने के बाद धार्मिक संगठनों, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई है।
वायरल वीडियो में कुछ युवक गंगा नदी में स्नान करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान वे हाथ में बीयर लेकर कैमरे के सामने प्रदर्शन करते नजर आते हैं। वीडियो बनाने वाले लोगों ने जब युवकों को टोका और उनका नाम-पता पूछा तो एक युवक ने अपना नाम संतोष कुमार निवासी लोहता (Varanasi) बताया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद लोगों ने इसे धार्मिक आस्था और घाटों की मर्यादा के खिलाफ बताया।
Varanasi: युवकों पर सख्त कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपकर संबंधित युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि मां गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और घाटों (Varanasi) पर इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं।
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में यह भी कहा कि वायरल वीडियो समाज में गलत संदेश देने के साथ धार्मिक माहौल को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ सकता है।
शहर की छवि हो रही प्रभावित
स्थानीय लोगों ने भी घाटों पर निगरानी बढ़ाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि काशी के घाट केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के प्रतीक हैं। ऐसे में इस प्रकार की हरकतें न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं बल्कि शहर की छवि को भी प्रभावित करती हैं।
शिकायत में पुलिस (Varanasi) से मांग की गई है कि वायरल वीडियो की जांच कर संबंधित युवकों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही गंगा घाटों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
इस मामले पर एसीपी अतुल अंजान ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्तियों की पहचान कराने में जुटी है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो कब और किस घाट पर बनाया गया।
यह पहला मौका नहीं है जब गंगा घाटों को लेकर विवाद सामने आया हो। इससे पहले रमजान के दौरान गंगा में नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी भी चर्चा और विवाद का कारण बनी थी। ऐसे में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं (Varanasi) ने यह बहस तेज कर दी है कि क्या पर्यटन, सोशल मीडिया रील्स और निजी मौज-मस्ती के नाम पर घाटों की मर्यादा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।

