धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में है। 21 जून को आयोजित होने वाले भव्य योग कार्यक्रम में जिलेभर में पांच लाख से अधिक लोगों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के अनुसार, काशी के अर्धचंद्राकार स्वरूप वाले सभी 84 घाट इस बार सामूहिक योगाभ्यास के साक्षी बनेंगे। गंगा तट पर योग के माध्यम से स्वास्थ्य, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। योग सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न घाटों पर प्रतिदिन योग सत्र (International Yoga Day) आयोजित किए जा रहे हैं। शुभारंभ नमो घाट से हो चुका है, जबकि राजघाट, पंचगंगा घाट, रानी घाट और निशाद घाट सहित कई प्रमुख घाटों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
International Yoga Day: प्रमुख घाटों पर होंगे बड़े आयोजन
17 जून को राम घाट, अग्निश्वर घाट, गणेश घाट, भोंसले घाट, गंगा महल घाट, सिंधिया घाट, ललिता घाट और दशाश्वमेध घाट पर बड़े स्तर पर सामूहिक योगाभ्यास सिखाया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नियमित योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित किया जाएगा।
विद्यालयों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों पर भी योग
18, 19 और 20 जून को जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों, सारनाथ, पार्कों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों में भी योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य योग (International Yoga Day) को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जन-आंदोलन का स्वरूप देना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों में योग दिवस को सफल बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। जिले की 694 ग्राम पंचायतों में युवा मंगल दल और महिला मंगल दल के सदस्यों को कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये प्रशिक्षित सदस्य मास्टर ट्रेनर के रूप में गांव-गांव जाकर लोगों को योगाभ्यास कराएंगे और योग के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।
वैश्विक मंच पर काशी की विशेष पहचान
प्रशासन का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान के अनुरूप काशी में आयोजित यह कार्यक्रम देश और दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पर गंगा तट के 84 घाटों पर एक साथ हजारों लोगों द्वारा योगाभ्यास का दृश्य न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व का होगा, बल्कि यह स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के संदेश को भी व्यापक स्तर पर प्रसारित करेगा।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष का आयोजन सहभागिता, अनुशासन और भव्यता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा तथा काशी को योग (International Yoga Day) की वैश्विक राजधानी के रूप में और अधिक सशक्त पहचान दिलाएगा।

