Varanasi: सोशल मीडिया के जरिए हो रही थी हथियारों की तस्करी, मुख्य सरगना समेत सात आरोपी गिरफ्तार

Varanasi पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। चोलापुर थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, रिवॉल्वर, तमंचा और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं।

मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस लंबे समय से गिरोह के मुख्य सरगना अखिलेश उर्फ मोनू राजभर की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई।

Varanasi: मुख्य सरगना समेत सात आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अखिलेश उर्फ मोनू राजभर, अरुण राजभर, हिमांशु कुमार उर्फ सनी, आशीष सिंह, विशाल सिंह, अनिकेत चौहान और नमन मिश्रा को गिरफ्तार किया है।

प्रारंभिक जांच (Varanasi) में सामने आया है कि गिरोह व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करता था। बिहार से अवैध हथियार मंगवाकर उनकी सप्लाई वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में की जाती थी। हालांकि, हथियारों की आपूर्ति करने वाले मूल स्रोत और संभावित खरीदारों के बारे में अभी पुलिस जांच कर रही है।

जेल में हुई मुलाकात, फिर शुरू किया हथियारों का नेटवर्क

डीसीपी ने बताया कि मुख्य आरोपी अखिलेश ने एमकॉम तक की पढ़ाई की है। उसके खिलाफ चोलापुर थाने (Varanasi) में हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है। वहीं, आरोपी हिमांशु उर्फ सनी के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस जांच में पता चला है कि अखिलेश, अरुण और हिमांशु की मुलाकात जेल में अन्य असलहा तस्करों से हुई थी। वहीं से उन्होंने अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया और बिहार से हथियार मंगवाकर उनकी बिक्री शुरू कर दी।

60 हजार रुपये में बेची जाती थी एक पिस्टल

पुलिस के अनुसार गिरोह एक पिस्टल करीब 60 हजार रुपये में बेचता था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 32 बोर की एक रिवॉल्वर, 7.65 एमएम की एक पिस्टल, 9 एमएम की एक पिस्टल, 315 बोर का एक तमंचा, एक मोटरसाइकिल और 14 कारतूस बरामद किए गए हैं।

और खुलासों की उम्मीद

पुलिस का कहना है कि मामले (Varanasi) की जांच अभी जारी है। हथियारों की सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और संभावित खरीदारों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई पूर्वांचल में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी (Varanasi) के नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles