Varanasi: चंदौली और वाराणसी को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राजघाट बजट पर लंबे समय से प्रस्तावित मरम्मत कार्य मंगलवार रात से शुरू होने जा रहा है। रेलवे, लोक निर्माण विभाग और यातायात पुलिस के बीच समन्वय के बाद प्रशासन ने पुल पर रात्रिकालीन यातायात प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 17 जून से 13 अगस्त तक प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 6:30 बजे तक राजघाट पुल पूरी तरह नो-व्हीकल जोन रहेगा। इस दौरान पुल के दोनों छोरों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी। सुरक्षा कारणों से पैदल यात्रियों के आवागमन पर भी प्रतिबंध रहेगा।
लोक निर्माण विभाग (Varanasi) द्वारा पुल के जॉइंटर, गर्डर तथा अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मरम्मत की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि पुल की मजबूती और सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके। मरम्मत कार्य को लेकर रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच कई दौर की बैठकों के बाद अंतिम मंजूरी दी गई है।
रात 10 बजे से लागू रहेगा डायवर्जन
अंशुमन मिश्रा के अनुसार मरम्मत अवधि के दौरान यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। पड़ाव से राजघाट की ओर आने वाले वाहन: रिंग रोड फेज-3, टेंगरा मोड़, रामनगर और सामनेघाट पुल के रास्ते शहर में प्रवेश करेंगे।
Varanasi: शहर से पड़ाव जाने वाले वाहन
राजघाट से पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों को सारनाथ, संदहा, रिंग रोड फेज-3 और सामनेघाट पुल मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। यातायात पुलिस (Varanasi) ने लोगों से अपील की है कि रात्रिकालीन यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर निकलें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। राजघाट स्थित ऐतिहासिक मालवीय ब्रिज के ऊपर मरम्मत कार्य होने के कारण रेलवे ने भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन सुबह 3 बजे से 5 बजे तक पुल के नीचे से गुजरने वाले रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा। इसका असर वाराणसी से काशी होते हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर और बिहार की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर पड़ सकता है।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बीके यादव ने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। चूंकि कार्यस्थल के नीचे रेलवे ट्रैक मौजूद है, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। राजघाट पुल (Varanasi) पूर्वांचल और बिहार की ओर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में अगले लगभग 60 दिनों तक रात के समय यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा।
प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की संरचनात्मक सुरक्षा मजबूत होगी और यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुरक्षित एवं सुगम बन सकेगी।

