धर्म और आस्था की नगरी काशी मंगलवार को एक बार फिर विशेष आध्यात्मिक माहौल की साक्षी बनी, जब देश के प्रमुख उद्योगपति Anant Ambani ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, मां अन्नपूर्णा मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर, संकटमोचन मंदिर और बाबा कालभैरव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसरों में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष भी गूंजते रहे।
मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अनंत अंबानी (Anant Ambani) काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गेट नंबर-4 से मंदिर परिसर में प्रवेश करने के बाद उन्होंने सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार विधि से अभिषेक और पूजन किया। इसके बाद वह मंदिर में आयोजित सप्तऋषि आरती में शामिल हुए और करीब आधे घंटे तक आरती का दर्शन किया। मंदिर परिसर में उनका प्रवास लगभग 45 मिनट तक रहा।
Anant Ambani ने मां अन्नपूर्णा के दरबार में भी लगाई हाजिरी
बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद अनंत अंबानी (Anant Ambani) सीधे मां अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। यहां गर्भगृह में 21 अर्चकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां भगवती का विशेष कुमकुम पूजन कराया। पूजा के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। अनंत अंबानी ने मां अन्नपूर्णा को पुष्पमाला अर्पित कर परिवार और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मां अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज ने उन्हें प्रसाद स्वरूप मां की चुनरी, स्फटिक माला और मां अन्नपूर्णा का चित्र भेंट किया। साथ ही मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित सामाजिक और धार्मिक सेवा कार्यों की जानकारी भी दी। बताया जाता है कि ट्रस्ट की जनसेवा गतिविधियों से अनंत अंबानी काफी प्रभावित दिखाई दिए।
इसके बाद उनका काफिला दुर्गाकुंड स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर पहुंचा। यहां महंत कौशलपति द्विवेदी ने वैदिक विधि से पूजा-अर्चना कराई। अनंत अंबानी ने माता रानी की आरती उतारी और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें माता की चुनरी और भोग-प्रसाद भी भेंट किया गया।
संकट मोचन मंदिर में भी टेका मत्था
धार्मिक यात्रा के अगले पड़ाव में अनंत अंबानी (Anant Ambani) संकटमोचन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में तुलसी दल और प्रसाद अर्पित किया। मंदिर में दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने श्रद्धा भाव से हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे संत रविदास घाट पहुंचे और मां गंगा का दर्शन कर काशी की आध्यात्मिक परंपरा को नमन किया।
देर शाम उन्होंने (Anant Ambani) काशी के कोतवाल माने जाने वाले बाबा कालभैरव मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर में आरती उतारने के बाद उन्होंने ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष लगाए। श्रद्धालुओं ने भी उनके साथ भगवान शिव के जयकारे लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय ऊर्जा से भर गया।
सुरक्षा के किए गए पुख्ते इंतजाम
अनंत अंबानी के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त रही। उनके निजी सुरक्षा कर्मियों के अलावा स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न मंदिर परिसरों में तैनात रहे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आम श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। मंदिर प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि नियमित श्रद्धालु भी सुगमता से दर्शन कर सकें।
काशी की इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने न केवल प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की, बल्कि काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा भी प्रकट की। बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा, मां दुर्गा, संकटमोचन हनुमान और बाबा कालभैरव के दर्शन के साथ उनका यह दौरा आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक जुड़ाव का संदेश देता नजर आया।

