चंदौली जनपद से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक सेवा में तैनात दो SDM अधिकारियों का पारिवारिक विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सदर तहसील में तैनात उप जिलाधिकारी दिव्या ओझा के पिता ने अपने दामाद और पीडीडीयू नगर तहसील में तैनात SDM अनुपम मिश्रा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
शिकायत प्रतापगढ़ के शाहगंज महिला थाने में दर्ज की गई है, जिसमें दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पीड़िता के पिता निशाकांत ओझा का आरोप है कि शादी के समय भारी दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें लगातार बढ़ती रहीं।
भरी मात्र में दिया गया दहेज़
तहरीर के अनुसार, वर्ष 2020 में प्रयागराज के नैनी क्षेत्र निवासी अनुपम मिश्रा के साथ दिव्या ओझा की शादी हुई थी। आरोप है कि विवाह के समय करीब 10 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर किए गए, 28 लाख रुपये नकद, लगभग 40 लाख रुपये के आभूषण और 7 लाख रुपये का अन्य सामान दिया गया। इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग की और दिव्या को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कई बार दिव्या ओझा का गला दबाकर उनकी हत्या करने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस (SDM) ने आरोपी अनुपम मिश्रा के साथ-साथ उनके पिता प्रमोद मिश्रा, माता शशि मिश्रा और बहनों पूजा पांडेय व प्रीति पांडेय के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।
SDM के बीच विवाद से महकमों में हड़कंप
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी पांडेय ने बताया कि दहेज उत्पीड़न, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

