काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मधुबन पार्क में दैनिक वेतन भोगी और संविदा कर्मियों का आंदोलन सोमवार को 14वें दिन भी जारी रहा। करीब 1199 कर्मचारी धरनास्थल पर डटे हुए हैं और नियमितीकरण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रशासन से वार्ता, लेकिन नहीं निकला समाधान
BHU प्रशासन ने कर्मचारियों को मनाने के प्रयास तेज करते हुए संयुक्त कुलसचिव डॉ. संजय कुमार और डिप्टी चीफ प्रॉक्टर राजेश सिंह को धरनास्थल पर भेजा। अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें काम पर लौटने के लिए समझाया।
इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को कुलपति से मुलाकात के लिए बुलाया गया, जहां देर रात तक चर्चा चली, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका।
कर्मचारियों की ओर से धनंजय सिंह, अनुराग सिंह, सौरभ सिंह, कंचन राय और ज्योति देवी सहित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (BHU) ने कुलपति के सामने नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और अन्य मांगों को विस्तार से रखा। वार्ता के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।
BHU: नई भर्ती प्रक्रिया रोकने की मांग
धरना दे रहे कर्मचारियों ने अप्रैल में प्रस्तावित जूनियर क्लर्क के 199 पदों की भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब तक वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया जाता, तब तक नई भर्तियां शुरू करना उचित नहीं है।
विश्वविद्यालय प्रशासन (BHU) का कहना है कि इस मुद्दे पर पहले ही एक समिति गठित की जा चुकी है, जो कर्मचारियों की मांगों पर विचार कर रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि कई लोग दशकों से विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी सेवा का लाभ नहीं मिला। कर्मचारियों (BHU) ने स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे और मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।

