Varanasi: चौबेपुर थाना क्षेत्र में डाक विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 10 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
चौबेपुर क्षेत्र (Varanasi) के व्यासपुर निवासी अंबरीश कुमार चौबे ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनके रिश्तेदार प्रिंस दुबे उर्फ प्रवीण दुबे ने उन्हें विश्वास में लेकर कहा कि उसका साला डाक विभाग में इंस्पेक्टर है और वह उन्हें डाक विभाग में बीपीएम (ब्रांच पोस्ट मास्टर) के पद पर स्थायी नौकरी दिला सकता है।
आरोप के अनुसार, इसके लिए 10 से 15 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। रिश्तेदार की बात पर भरोसा करते हुए अंबरीश ने विभिन्न लोगों से कर्ज लेकर कुल 10,20,055 रुपये आरोपियों को दे दिए।
Varanasi: फर्जी निकला जॉइनिंग लेटर
पीड़ित का आरोप है कि रुपये लेने के बाद उन्हें हस्ताक्षरयुक्त एक जॉइनिंग लेटर दिया गया। बाद में जब इसकी जांच (Varanasi) कराई गई तो वह पूरी तरह फर्जी निकला। ठगी का पता चलने पर जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, 8 मार्च 2026 को महाराजगंज क्षेत्र और 9 मार्च 2026 को चौबेपुर हाईवे पर आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित का कहना है कि प्रारंभ में स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश के बाद चौबेपुर पुलिस ने प्रिंस दुबे उर्फ प्रवीण दुबे, उमा दुबे, अनूप त्रिपाठी उर्फ मोलू और कमलावती देवी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले (Varanasi) की जांच कर रहे उपनिरीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है, ताकि मामले की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

