Mirzapur: रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद स्विफ्ट कार और बोलेरो में आग लग गई और करीब 10 मिनट तक अंदर फंसे लोग चीखते-चिल्लाते रहे। आग इतनी भयानक थी कि बचाव का मौका तक नहीं मिल सका और कुछ ही देर में आवाजें खामोश हो गईं।
गुरुवार सुबह सभी 11 शवों का पोस्टमार्टम शुरू किया गया। एक-एक कर गठरी में रखे जले हुए शव बाहर निकाले गए। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई शवों के सिर्फ कुछ हिस्से ही बचे थे। जब दो मासूम बच्चों के शव बाहर निकाले गए तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
Mirzapur: कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
बुधवार रात करीब 8 बजे घाटी में गिट्टी लदा ट्रेलर उतर रहा था। उसके पीछे स्विफ्ट कार, फिर दाल से लदा ट्रक और सबसे पीछे बोलेरो चल रही थी। इसी दौरान ट्रक का ब्रेक फेल हो गया और उसने स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी। कार आगे ट्रेलर से भिड़ गई, जबकि पीछे से आ रही बोलेरो भी ट्रक में टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई और वह आग का गोला बन गई।
9 लोग जिंदा जले, कुल 11 की मौत
हादसे (Mirzapur) में बोलेरो सवार नौ लोग जिंदा जल गए, जिनमें दो महिलाएं, दो बच्चे और पांच पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा स्विफ्ट कार चालक जयप्रकाश और ट्रक के खलासी विकास शर्मा की भी मौत हो गई। अधिकांश शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया।
घटना (Mirzapur) की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल की दो गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब जाकर बोलेरो से शवों को बाहर निकाला जा सका।
ब्रेक फेल होने की आशंका, जांच जारी
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच (Mirzapur) में हादसे की वजह ट्रक का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। पुलिस ने सभी वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने कुछ परिजनों से संपर्क कर लिया है और शवों की शिनाख्त कराने की प्रक्रिया जारी है। यह हादसा पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल छोड़ गया है।

