उत्तराखंड के बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Dham) के कपाट वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन अवसर पर प्रातः 6:15 बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने से पहले द्वार पूजा और पंचांग पूजन संपन्न हुआ, जिसके बाद रावल द्वारा नर पूजा की परंपरा निभाई गई।
इस शुभ अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। यह लगातार चौथा वर्ष है जब वे कपाट उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि अब अगले छह माह तक श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पुष्कर सिंह धामी सहित मंदिर समिति के अध्यक्ष और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विधिवत पूजा-अर्चना (Badrinath Dham) कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कपाट खुलने से पूर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए द्वार पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु मौजूद रहे।
Badrinath Dham: छह माह तक होंगे दर्शन
कपाट (Badrinath Dham) खुलने के साथ ही अब देश-विदेश से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मान्यता है कि इस अवधि में भगवान बदरीनाथ के दर्शन से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे धाम में आने वाले दिनों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

