Varanasi: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौमाता की रक्षा और गौ-तस्करी रोकने के उद्देश्य से एक नई पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही ओएलएक्स की तर्ज पर “गो-एलएक्स” नामक वेबसाइट शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से ऐसे हिंदू परिवारों से संपर्क किया जाएगा जो किसी कारणवश अपनी गाय बेचना चाहते हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए गायों को खरीदकर उन्हें कसाइयों के हाथों में जाने से बचाया जाएगा।
वाराणसी (Varanasi) में जारी अपने बयान में शंकराचार्य ने कहा कि “कोई भी सच्चा हिंदू जानबूझकर गाय को कटने के लिए नहीं बेचता।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ टीवी डिबेट और समाचार माध्यमों में यह नैरेटिव फैलाया जा रहा है कि मुसलमानों द्वारा गाय न खरीदने से हिंदू व्यापारी संकट में आ गए हैं, जबकि यह पूरी तरह भ्रामक और असत्य है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी हिंदू को यह पता चल जाए कि उसकी गाय को काटा जाएगा, तो वह किसी भी कीमत पर उसे नहीं बेचेगा। शंकराचार्य ने यह भी दावा किया कि कई लोग हिंदू नामों का इस्तेमाल कर अवैध गौ-व्यापार (Varanasi) करते हैं ताकि पकड़े जाने पर हिंदू समाज को बदनाम किया जा सके।
Varanasi: 81 दिवसीय “गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा”
इन दिनों वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शंकराचार्य द्वारा 81 दिवसीय “गविष्ठी धर्मयुद्ध यात्रा” निकाली जा रही है। इस यात्रा का उद्देश्य गौमाता को “राज्यमाता” घोषित कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर जनजागरण करना बताया जा रहा है।
अपने बयान में उन्होंने कुछ मुस्लिम संगठनों और लोगों की भी सराहना की, जिन्होंने गौ-हत्या का विरोध करते हुए उनके अभियान का समर्थन किया। शंकराचार्य ने कहा कि यदि मुस्लिम समाज गाय खाना छोड़ दे तो हिंदू-मुस्लिम वैमनस्य काफी हद तक कम हो सकता है।
उन्होंने (Varanasi) यह भी स्पष्ट किया कि “गो-एलएक्स” योजना में केवल वे ही लोग शामिल होंगे जो गौ-रक्षा के उद्देश्य से सहयोग करना चाहते हैं। वेबसाइट लॉन्च होने के बाद इसके संचालन, पंजीकरण और गाय खरीदने की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

