Varanasi: काशी की बहुप्रतीक्षित दालमंडी मॉडल सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दिया है। अब तक मैन्युअल तरीके से चल रही कार्रवाई को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पोकलैंड मशीन को मैदान में उतार दिया है। सोमवार शाम भारी मशीनरी दालमंडी क्षेत्र में पहुंची और मंगलवार सुबह से पुराने एवं जर्जर भवनों को ध्वस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आगामी 11 जून को ध्वस्तीकरण (Varanasi) की एक और बड़ी कार्रवाई प्रस्तावित है। इसके लिए 16 मकानों को चिन्हित कर संबंधित भवन स्वामियों को निर्धारित तिथि तक भवन खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को इसकी जानकारी भी दी जा चुकी है।
तेजी से आगे बढ़ रहा है ध्वस्तीकरण अभियान
दालमंडी क्षेत्र में मॉडल सड़क निर्माण के लिए लंबे समय से भूमि अधिग्रहण और भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। अब तक कई भवनों को हटाया जा चुका है, लेकिन कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए प्रशासन ने पोकलैंड मशीन का सहारा लिया है।
सोमवार शाम पुलिस सुरक्षा के बीच पोकलैंड मशीन को दालमंडी के भीतर ले जाया गया। रास्ते में बाधा बने जर्जर और आंशिक रूप से टूट चुके भवनों को हटाते हुए मशीन को परियोजना क्षेत्र के मध्य भाग तक पहुंचाया गया। मंगलवार को सुबह से मशीन ने फिर कार्रवाई शुरू कर दी और कई संरचनाओं को जमींदोज किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मशीन ने कुछ ही समय में उन भवनों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जिन्हें मैन्युअल तरीके से हटाने में कई दिन लग सकते थे। इससे परियोजना की गति में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
11 जून को 16 मकानों पर चलेगा बुलडोजर
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और रजिस्ट्री (Varanasi) की प्रक्रिया लगातार जारी है। रजिस्ट्री पूरी होने के साथ-साथ वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा अवैध घोषित भवनों के आधार पर 16 मकानों की सूची तैयार की गई है।
इन भवनों के मालिकों और दुकानदारों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र में मुनादी कर लोगों से 11 जून तक अपने भवन और दुकानें खाली करने की अपील की। निर्धारित समय सीमा के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जून के अंत तक भूमि खाली कराने का लक्ष्य
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों (Varanasi) के अनुसार विभाग का लक्ष्य जून माह के अंतिम सप्ताह तक परियोजना के लिए आवश्यक भूमि को पूरी तरह खाली करा लेना है। इसके बाद सड़क निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
के.के. सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूडी स्वयं इस परियोजना की कार्यदायी संस्था है और सड़क को एक मॉडल परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि अक्टूबर तक इस सड़क को जनता के लिए तैयार कर दिया जाए।
187 संपत्तियां थीं चिन्हित, अब भी 111 भवन शेष
दालमंडी मॉडल सड़क परियोजना के लिए कुल 187 संपत्तियों को चिन्हित किया गया था, जिनमें 181 मकान और 6 मस्जिदें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में लगभग 1400 दुकानें भी प्रभावित हो रही हैं।
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। अब तक लगभग 70 भवनों को हटाया जा चुका है। हालांकि अभी भी 111 मकान और छह धार्मिक संरचनाएं शेष हैं। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान चरण में मस्जिदों को नहीं हटाया जा रहा है और उनके संबंध में अंतिम चरण में निर्णय लिया जाएगा।
Varanasi: 215 करोड़ रुपये की परियोजना
दालमंडी (Varanasi) को मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने की योजना प्रधानमंत्री के काशी दौरे के दौरान घोषित की गई थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 215.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
परियोजना के तहत प्रभावित 186 भवन और दुकान स्वामियों को लगभग 191 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन का दावा है कि सड़क निर्माण के बाद दालमंडी क्षेत्र (Varanasi) में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, व्यापारिक गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

