Varanasi: साइबर अपराधियों के बढ़ते हौसलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब पुलिसकर्मी भी उनके निशाने पर हैं। वाराणसी के लंका थाने में तैनात एक सिपाही के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 41 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
लंका थाने में तैनात सिपाही विजय भारत मौर्य, निवासी सीरगोवर्धन, ने पुलिस (Varanasi) को दी गई तहरीर में बताया कि 8 जून को उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 41 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी हुई। उन्हें इस लेन-देन की जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपने बैंक खाते का विवरण (स्टेटमेंट) देखा। इसके बाद उन्होंने तत्काल मामले की शिकायत दर्ज कराई।
यूपीआई सिस्टम का दुरुपयोग करने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि साइबर ठगों ने किसी तकनीकी तरीके से यूपीआई प्रणाली का दुरुपयोग कर खाते से रकम ट्रांसफर की। फिलहाल पुलिस (Varanasi) यह पता लगाने में जुटी है कि धनराशि किस बैंक खाते में भेजी गई और ठगी को अंजाम देने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया।
लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है। बैंक ट्रांजेक्शन (Varanasi) का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, वहीं संबंधित बैंक और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से भी आवश्यक जानकारी मांगी गई है ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
Varanasi: पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस अधिकारियों (Varanasi) ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए हर ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्क रहना जरूरी है।
पुलिस ने सलाह दी है कि यदि किसी के खाते से अनधिकृत लेन-देन होता है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही निकटतम साइबर थाना या स्थानीय पुलिस स्टेशन (Varanasi) को तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते धनराशि को फ्रीज कराने और आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई की जा सके।

