Varanasi: अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम टीम का जमकर विरोध, प्रभावित परिवारों ने पूरे क्षेत्र की पैमाइश कराने की मांग की

Varanasi: भेलूपुर थाना क्षेत्र के खोजवां स्थित सरायनंदन दशमी रामलीला मैदान में गुरुवार को नगर निगम के प्रवर्तन दल ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान सरकारी भूमि पर बने अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया, लेकिन मौके पर स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए चयनात्मक कार्रवाई का आरोप लगाया।

स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि रामलीला मैदान और उससे जुड़ी सरकारी भूमि (Varanasi) को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है, तो सबसे पहले मैदान के बाहर वर्षों से बने अन्य अवैध कब्जों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि सभी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बिना भेदभाव कार्रवाई की जाती है, तो वे स्वयं अपने अस्थायी निर्माण हटा देंगे।

Varanasi: नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई (Varanasi) से पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रवर्तन दल ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

प्रभावित परिवारों ने उठाए सवाल

कार्रवाई से प्रभावित परिवारों ने नगर निगम की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि नगर निगम के राजस्व विभाग की ओर से मिले नोटिस में आराजी संख्या 410, मौजा सरायनंदन (Varanasi) को शासकीय भूमि बताया गया है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि यह मौजा काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां कई अन्य निर्माण भी मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके टिन शेड और अस्थायी निर्माणों तक सीमित रखी गई है।

पूरे क्षेत्र की पैमाइश कराने की मांग

प्रभावित लोगों ने मांग की है कि यदि संबंधित भूमि वास्तव में सरकारी है, तो पूरे मौजा क्षेत्र की विधिवत पैमाइश कराई जाए और सभी अवैध कब्जों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के समान रूप से कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी एक वर्ग या परिवार को निशाना बनाए जाने जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।

नगर निगम ने टिप्पणी करने से किया इनकार

कार्रवाई के दौरान मौजूद नगर निगम अधिकारियों (Varanasi) से जब मीडिया ने इस संबंध में पक्ष जानना चाहा, तो टीम के सदस्यों ने नगर आयुक्त का हवाला देते हुए कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

प्रभावित परिवारों ने कहा कि वे कानून और प्रशासनिक व्यवस्था का सम्मान करते हैं। यदि जांच में संबंधित भूमि सरकारी पाई जाती है, तो वे नियमानुसार कार्रवाई का पालन करेंगे।

हालांकि उन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम (Varanasi) से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, भूमि की विधिवत पैमाइश तथा सभी अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध समान और न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन और नगर निगम (Varanasi) के अगले कदम पर है कि क्या पूरे मौजा क्षेत्र की जांच कर सभी अवैध कब्जों के विरुद्ध समान कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles