Varanasi News: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब सर्जरी विभाग की एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने इंसुलिन इंजेक्शन की ओवरडोज लेकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत BHU अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के छठे तल स्थित आईसीयू में शिफ्ट कर दिया, जहां फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार सर्जरी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सत्या (25) मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। वाराणसी में वह सामने घाट क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर के पीछे स्थित कॉलोनी में किराए के मकान में रहती हैं। घटना के बाद से अस्पताल परिसर में हलचल बनी हुई है और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सीनियर रेजिडेंट से विवाद की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक घटना से करीब तीन-चार दिन पहले विभाग के ही एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ किसी बात को लेकर डॉ. सत्या की कहासुनी हुई थी। हालांकि इस विवाद और आत्महत्या के प्रयास के बीच सीधा संबंध होने की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अस्पताल परिसर में इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
कुछ डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ ने भी सीनियर डॉक्टरों के कथित दुर्व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
100 यूनिट इंसुलिन इंजेक्शन लेने से बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर डॉ. सत्या ने खुद को करीब 100 यूनिट इंसुलिन इंजेक्शन लगा लिया। इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। साथियों और अस्पताल के कर्मचारियों ने स्थिति गंभीर देख तुरंत उन्हें BHU अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया।
इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार इंसुलिन की अधिक मात्रा का असर उनके शरीर पर गंभीर रूप से पड़ा है। विशेष रूप से किडनी पर इसका प्रभाव ज्यादा देखा गया, जिसके कारण शुक्रवार शाम को उनकी डायलिसिस भी करानी पड़ी।
आईसीयू में चल रहा इलाज, हालत चिंताजनक
फिलहाल डॉक्टर सत्या को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है और हर जरूरी मेडिकल प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
होश में आने के बाद ही स्पष्ट होगा कारण
इस पूरे मामले को लेकर IMS BHU के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि जूनियर डॉक्टर द्वारा आत्महत्या के प्रयास की जानकारी मिली है। उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है और फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर के होश में आने के बाद ही इस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा। फिलहाल डॉक्टरों की प्राथमिकता उनका जीवन बचाना है।

