Gas Booking Rule: एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने कहा है कि 35 दिन या 45 दिन बाद बुकिंग की बात पूरी तरह भ्रामक है और मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, उपभोक्ता पहले की तरह ही सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद अगली बुकिंग (Gas Booking Rule) कर सकते हैं। हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को 45 दिन और अन्य उपभोक्ताओं को 35 दिन बाद ही गैस बुकिंग की अनुमति मिलेगी, लेकिन सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग पर दबाव
सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की तुलना में 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की मांग अधिक है, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। इसी को देखते हुए 22 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल एलपीजी कोटे (Gas Booking Rule) में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दी है।
इस फैसले के बाद कुल आवंटन 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इस निर्णय का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
PNG नेटवर्क विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत नए प्रावधान लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य देशभर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना है। इन नियमों के जरिए गैस पाइपलाइन बिछाने में आने वाली बाधाओं को कम किया जाएगा।
Gas Booking Rule: नए प्रावधानों की खास बातें
- RWA और सोसाइटी की बाधाएं खत्म: अब पाइपलाइन के लिए 3 दिन के भीतर अनुमति देना अनिवार्य होगा, अन्यथा PNG सप्लाई रोकी जा सकती है।
- मंजूरी की समय सीमा तय: छोटे प्रोजेक्ट्स को 10 दिन और बड़े प्रोजेक्ट्स को 60 दिन के भीतर मंजूरी देनी होगी। समय पर जवाब न मिलने पर ‘डीम्ड क्लियरेंस’ लागू होगा।
- मुआवजा प्रक्रिया आसान: निजी जमीन से पाइपलाइन गुजरने पर सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय होगा और विवाद की स्थिति में जिला प्रशासन (Gas Booking Rule) दखल देगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर (Gas Booking Rule) रखने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा और उन्हें नया कनेक्शन भी जारी नहीं किया जाएगा।

