Prayagraj: फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित कोल्ड स्टोर हादसे के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा, लेकिन इसी बीच घटनास्थल से कुछ दूरी पर मलबा डाले जाने की सूचना मिलते ही हालात अलग ही रूप लेते नजर आए। करीब पांच किलोमीटर दूर बेला कछार इलाके में मलबे से आलू, सरिया और ईंट निकालने के लिए स्थानीय ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए।
मौके पर अजीब स्थिति देखने को मिली, जहां लोग स्कूटी, बाइक और ठेलों पर आलू, सरिया और ईंट लादकर ले जाते नजर आए। सबसे ज्यादा भीड़ आलू निकालने वालों की रही। सोमवार रात से शुरू हुआ यह सिलसिला मंगलवार भर जारी रहा। देखते ही देखते यह स्थान (Prayagraj) अस्थायी बाजार जैसा बन गया।
Prayagraj: आलू ढोए जाने की चर्चाएं आई सामने
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ व्यापारी (Prayagraj) भी इस भीड़ का हिस्सा बन गए और यहां से आलू लेकर बाजार में बेचने लगे। इतना ही नहीं, सरकारी वाहनों से भी आलू ढोए जाने की चर्चाएं सामने आने लगीं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
लोगों का कहना है कि मलबे में दबे आलू को अगर जल्द नहीं निकाला गया, तो उनके सड़ने से दुर्गंध फैल सकती है और इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाएगा। यही वजह है कि लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान निकालकर ले जा रहे हैं।
वहीं, इस हादसे ने किसानों को गहरा झटका दिया है। मंगलवार सुबह जब किसान (Prayagraj) अपनी पर्चियां लेकर कोल्ड स्टोर पहुंचे, तो वहां का मंजर देख वे स्तब्ध रह गए। मलबे में दबे आलू और बर्बाद फसल ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
कई फसल पूरी तरह से नष्ट
फूलपुर क्षेत्र के गोरियों गांव निवासी पवन कुमार पटेल, सुनील कुमार, चिंतामणि और मोरहू के रामराज पाल समेत शिवगढ़ के दादूपुर निवासी शंकर पासी ने बताया कि उन्होंने चार महीने की कड़ी मेहनत से आलू की फसल तैयार की थी और महज एक सप्ताह पहले ही उसे सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोर में जमा कराया था। हादसे में पवन पटेल के 400 बोरी, सुनील के 284 बोरी, चिंतामणि के 300 बोरी, रामराज के 180 बोरी और शंकर पासी के 90 बोरी आलू पूरी तरह नष्ट हो गए।
घटना के बाद किसानों में भारी आक्रोश है और वे सरकार से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि वे दोबारा खेती शुरू कर सकें।
इधर, प्रदेश (Prayagraj) के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि सभी कोल्ड स्टोर्स के मानकों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मंत्री ने यह भी कहा कि जिन किसानों का आलू कोल्ड स्टोर में रखा था, उनके नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द शीतगृह संचालक से कराई जाए। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और डीएम मनीष कुमार वर्मा ने भी मौके का निरीक्षण कर मलबा हटाने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
अमोनिया गैस के रिसाव को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हादसे में घायल 17 लोगों का इलाज बेली और स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में जारी है।
आरोपी 14 दिनों की न्यायायिक हिरासत में गए जेल
वहीं, इस मामले (Prayagraj) में सख्त कार्रवाई भी की गई है। मुख्य आरोपी सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद, उनके बेटे मंजूर और भतीजे अलाउद्दीन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साथ ही जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने कोल्ड स्टोर मालिक अंसार अहमद समेत सात लोगों को नामजद करते हुए पांच अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई (Prayagraj) सुनिश्चित की जाएगी।

