Varanasi: रामनगर क्षेत्र में तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ ने पशु तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। विश्व सुंदरी पुल के नीचे हुई इस कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका था।
पहले पकड़ा गया तस्कर, 34 पशु बरामद
पुलिस के अनुसार, एक ट्रक से वध के लिए बिहार ले जाए जा रहे 34 गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया। इस दौरान नौशाद अहमद (निवासी प्रयागराज) को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी मोबिन अहमद अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।
Varanasi: सर्च ऑपरेशन में हुई मुठभेड़
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस (Varanasi) लगातार कॉम्बिंग कर रही थी। इसी दौरान बंदरगाह के पास झाड़ियों में संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर पुलिस ने घेराबंदी की। आरोप है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
मुठभेड़ (Varanasi) में मोबिन अहमद के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। उसे इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर बीएचयू भेजा गया है, जहां उसका उपचार जारी है। इस मामले में थाना रामनगर में बीएनएस की धारा 109(1) और उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया है। पुलिस (Varanasi) का कहना है कि इस पूरे मामले में पशु तस्करी के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

