Varanasi: पांडेयपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम के दौरान अजय राय ने अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सांसद नासिर हुसैन का स्वागत किया।
पत्रकार वार्ता (Varanasi) को संबोधित करते हुए नासिर हुसैन ने कहा कि मौजूदा दौर में आम जनता को पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर, राशन, पानी, सरकारी नौकरी, रेलवे टिकट और बिजली बिल सुधार तक के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए इसे “लाइन लगाओ योजना” करार दिया और कहा कि सरकार की नीतियों के कारण जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के बयानों से देश में घबराहट का माहौल बनता है और बिना तैयारी के फैसले आम लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।
महंगाई और आर्थिक हालात पर उठाए सवाल
सांसद ने कहा कि पिछले कुछ समय में जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने भारतीय रुपये की गिरती स्थिति और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों—खासतौर पर ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच तनाव—का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की कमजोर विदेश नीति का असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।
Varanasi के विकास पर भी उठे सवाल
नासिर हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद काशी (Varanasi) में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास केवल विज्ञापनों में दिखाई देता है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। कांग्रेस पार्टी ने इन मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाने की बात दोहराई।
योगी आदित्यनाथ के बयान पर अजय राय का पलटवार
इस दौरान योगी आदित्यनाथ के पश्चिम बंगाल में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय (Varanasi) ने कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” का नारा महान क्रांतिकारी सुभाष चंद्र बोस ने दिया था, न कि स्वामी विवेकानंद ने। उन्होंने इसे ऐतिहासिक भूल बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान महापुरुषों और इतिहास के साथ अन्याय हैं। अजय राय ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर बोलने से पहले तथ्यों का सही ज्ञान होना जरूरी है।
अजय राय ने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करना और युवाओं को भ्रमित करना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर गंभीर नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की छवि बनाए रखना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है और इस तरह की गलतियां (Varanasi) उसकी प्रतिष्ठा को प्रभावित करती हैं।

