Varanasi के कोतवाली थाना परिसर से दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोपी युवक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को पुलिस उसे हिरासत में लेकर थाने आई थी, लेकिन शाम करीब 7 बजे वह मौके से भाग निकला। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अब आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
कैटरिंग के काम के दौरान हुई पहचान
पीड़िता के अनुसार, वह शादी-विवाह में कैटरिंग का काम करती है। वर्ष 2024 में एक समारोह के दौरान (Varanasi) उसकी मुलाकात आरोपी से हुई, जिसने खुद को “अमित” नाम से हिंदू बताकर परिचय दिया। उसने काम दिलाने का झांसा देकर नजदीकियां बढ़ाईं और धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और फिर प्रेम संबंध शुरू हो गया।
युवती का आरोप है कि आरोपी उसे कई बार होटल ले गया, जहां उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया। इसके बाद 25 मार्च 2025 को चौकाघाट स्थित काली मंदिर (Varanasi) में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली गई। पीड़िता के परिवार ने शादी में नकद रकम भी दी। शादी के बाद आरोपी उसे अपने घर ले जाने के बजाय लहरतारा स्थित किराए के मकान में रखने लगा।
शादी के कुछ दिन बाद युवती को पता चला कि आरोपी का असली नाम आफताब अंसारी है। विरोध करने पर उसने मारपीट शुरू कर दी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। पीड़िता (Varanasi) का आरोप है कि आरोपी के परिवार के लोगों ने भी इस दबाव में उसका साथ दिया और धमकियां दीं।
Varanasi: बंधक बनाकर दुष्कर्म का गंभीर आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे हरहुआ स्थित घर में एक महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, जहां आरोपी के भाई ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह मौका पाकर वह वहां से भाग निकली और अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
युवती ने यह भी दावा किया कि आरोपी का भाई लड़कियों को मुंबई में बेचने का काम करता है। उसने मोबाइल चैट के आधार पर कई लड़कियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े सबूत देखने की बात कही है।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल (Varanasi) के अनुसार, पीड़िता की तहरीर पर आरोपी थाने आया था। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही वह बाहर निकला और फरार हो गया। फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।

