प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले काशी (Kashi) में सोमवार को नारी शक्ति का अनूठा और प्रेरणादायक प्रदर्शन देखने को मिला। 1000 से अधिक छात्राओं और महिला खिलाड़ियों ने एकजुट होकर ‘नारी वंदन अधिनियम’ के समर्थन में विशाल मानव श्रृंखला बनाई और पूरे शहर में महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।
हाथों में तख्तियां और तिरंगा लिए छात्राओं व खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह मानव श्रृंखला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गई।
Kashi: महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश
मानव श्रृंखला के बाद प्रतिभागियों ने विकास इंटर कॉलेज से नटनिया दाई मंदिर तक जागरूकता मार्च निकाला। इस दौरान राहगीरों और स्थानीय लोगों को ‘नारी वंदन अधिनियम’ के महत्व और उसके लाभों (Kashi) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शहर की सड़कों पर निकला यह मार्च एक सामाजिक संदेश बनकर उभरा।
कार्यक्रम (Kashi) में हैंडबॉल, रग्बी, टेबल टेनिस, जूडो और हॉकी जैसी विभिन्न खेलों की महिला खिलाड़ियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। खिलाड़ियों ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं को राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने की दिशा में यह कानून ऐतिहासिक कदम है। उनका मानना है कि संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिलने से महिलाओं की स्थिति में व्यापक बदलाव आएगा।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि उनका संस्थान लंबे समय से महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज (Kashi) से अब तक कई महिला खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जो इस पहल की सफलता का प्रमाण है।

