मऊ से एक अहम कानूनी कार्रवाई सामने आई है, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (MP-MLA) कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री OP Rajbhar के खिलाफ गैरजमानती वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने यह कदम उनकी लगातार गैरहाजिरी के बाद उठाया।पूरा मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक कथित विवादित बयान से जुड़ा है।
आरोप है कि रतनपुरा बाजार में आयोजित एक जनसभा में OP Rajbhar ने भाजपा नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। साथ ही उन पर मंच से धमकी देने का भी आरोप है, जिसे आचार संहिता और कानून व्यवस्था का उल्लंघन माना गया।
समन के बावजूद नहीं हुए पेश OP Rajbhar
यह मामला लंबे समय से MP-MLA कोर्ट में विचाराधीन है। अदालत ने कई बार OP Rajbhar को पेश होने के लिए समन जारी किए, लेकिन वे निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं हुए।इसी को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और गैरजमानती वारंट जारी कर दिया।
क्या होता है गैरजमानती वारंट (NBW)?
गैरजमानती वारंट एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार कर सीधे अदालत में पेश करने का आदेश दिया जाता है। इस स्थिति में आरोपी को तुरंत जमानत मिलना तय नहीं होता, बल्कि कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होती है।इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे कानून के समान अनुपालन का उदाहरण बता सकता है, जबकि समर्थक इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम मान सकते हैं।
अदालत के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून के सामने सभी समान हैं। जनप्रतिनिधियों के लिए भी न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।

