Varanasi समेत पूरे पूर्वांचल में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर बाद घने बादलों ने आसमान को ढक लिया और कई इलाकों में तेज आंधी, बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इस बदलाव से जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई।
सुबह से दोपहर तक तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहा, लेकिन करीब ढाई बजे के बाद मौसम (Varanasi) का रुख पूरी तरह बदल गया। आसमान में इतने घने बादल छा गए कि दिन में ही अंधेरा छाने जैसा माहौल बन गया। ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पूर्वांचल में बारिश का सिलसिला सबसे पहले भदोही जिले से शुरू हुआ, जहां तेज हवाओं के साथ ओले भी गिरे। अचानक बदले मौसम ने खासतौर पर आम की फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों के बीच चिंता का माहौल बन गया।
वाराणसी और आसपास के इलाकों (Varanasi) में तेज आंधी के चलते कई जगह पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की भी खबरें सामने आईं। मौसम में आई इस तब्दीली का असर पूरे क्षेत्र में साफ नजर आया।
Varanasi: मौसम विभाग का अनुमान सही
मौसम विभाग (Varanasi) ने पहले ही बादलों की सक्रियता और हल्की बारिश का अनुमान जताया था, जो सटीक साबित हुआ। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। स्थानीय स्तर पर बढ़ती गर्मी और नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण बादलों की सक्रियता जारी रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक है। आर्द्रता का स्तर 34% से बढ़कर 66% तक पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वातावरण में बढ़ती नमी और स्थानीय हीटिंग के कारण आगे भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इससे तापमान (Varanasi) में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और लू का असर फिलहाल कम रहेगा।

