Varanasi: दालमंडी चौड़ीकरण अभियान फिर शुरू, 15 मकानों पर चला बुलडोजर, सुरक्षा में 200 पुलिसकर्मी तैनात

Varanasi: शहर की बहुचर्चित दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान एक बार फिर तेज हो गया है। कई दिनों के विराम के बाद शनिवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दालमंडी क्षेत्र में 15 नए मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही तीन पुराने भवनों को भी गिराने की प्रक्रिया चल रही है। कार्रवाई के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

त्योहारों और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कुछ दिनों के लिए ध्वस्तीकरण कार्य (Varanasi) स्थगित कर दिया गया था। बकरीद के बाद अभियान दोबारा शुरू होने पर प्रशासन पहले से अधिक सतर्क नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।

सूत्रों के अनुसार चौक थाना परिसर में स्थापित पीडब्ल्यूडी के कैंप कार्यालय में पिछले दिनों प्रभावित भवन स्वामियों की रजिस्ट्री और अन्य औपचारिकताएं पूरी कराई गई थीं। इन्हीं प्रक्रियाओं (Varanasi) के पूर्ण होने के बाद शनिवार को 15 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। राजेश कुमार सिंह तथा अतुल अंजान त्रिपाठी की निगरानी में लगभग 200 पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में तैनात किया गया।

एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत पीडब्ल्यूडी द्वारा ध्वस्तीकरण (Varanasi) कार्य कराया जा रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है।

Varanasi: 60 से अधिक भवन पहले ही ध्वस्त

दालमंडी चौड़ीकरण योजना के अंतर्गत अब तक 60 से अधिक भवनों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है, जबकि 40 से अधिक अन्य भवनों पर कार्रवाई (Varanasi) की प्रक्रिया जारी है। परियोजना के लिए कुल 181 भवनों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक कानूनी और राजस्व प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आगे भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी रहेगी।

दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को वाराणसी के पुराने शहर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने और आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि परियोजना को लेकर प्रभावित परिवारों और व्यापारियों की ओर से समय-समय पर अपनी चिंताएं भी सामने आती रही हैं।

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