IPL फाइनल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कैंट थाना पुलिस और एसओजी टीम ने रविवार देर रात संयुक्त कार्रवाई में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह वाराणसी को आधार बनाकर देश के कई राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े डिजिटल वॉलेट बरामद किए गए हैं।
IPL फाइनल मैच पर बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी
अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के टकटकपुर क्षेत्र में एक मकान से IPL फाइनल मैच पर बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी कराई जा रही है। सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां से 13 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क देशभर के लाखों लोगों तक पहुंच बना चुका था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टा संचालित किया जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक जांच में एक ‘मलिक’ नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसे पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह महाराष्ट्र का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में विभिन्न राज्यों में दबिश देने की तैयारी कर रही है।
हवाला और डिजिटल लेनदेन का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क (IPL) के तार हवाला कारोबार और डिजिटल माध्यमों से होने वाले वित्तीय लेनदेन से भी जुड़े मिले हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह से जुड़े कुछ सदस्यों ने अवैध कमाई को संपत्तियों में निवेश किया। मुख्य आरोपी रितेश दिवाकर शुक्ला पर हवाला के जरिए धन प्राप्त कर संपत्ति खरीदने का भी आरोप है। वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कई शिक्षित युवक शामिल हैं, जिनमें कंप्यूटर इंजीनियर और स्नातक स्तर की पढ़ाई कर चुके लोग भी हैं। पूछताछ में पता चला है कि अधिकांश आरोपी महाराष्ट्र में ‘मलिक’ के संपर्क में आए थे। वहीं उन्हें अधिक कमाई का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ा गया।
सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए फैलाया जाल
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टेबाजी के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन विज्ञापनों का सहारा लिया जाता था। कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से भी लोगों को आकर्षित करने का प्रयास किया गया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि प्रचार गतिविधियों में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
वाराणसी बना संचालन का केंद्र
पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब 10 महीनों से वाराणसी में रहकर इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। क्रिकेट मैचों के अलावा अन्य खेल आयोजनों पर भी ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जाती थी। छापेमारी के दौरान 17 मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और एक क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट बरामद किया गया है, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की पूरी संरचना और आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। साथ ही फरार सरगना ‘मलिक’ की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

