Varanasi: नव नालंदा महाविहार के कुलपति का व्हाट्सएप हैक, मैसेज के जरिए परिचितों से मांगे 46 हजार रुपये

varanasi: साइबर अपराधियों ने अब शिक्षाविदों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं प्रो. सिद्धार्थ सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए परिचितों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। मामला सामने आने के बाद प्रो. सिंह ने साइबर शिकायत दर्ज कराते हुए क्राइम ब्रांच को भी लिखित तहरीर सौंपी है।

फर्जी संदेश भेजकर ठगी की कोशिश

जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर प्रो. सिद्धार्थ सिंह के व्हाट्सएप अकाउंट (Varanasi) से उनके परिचितों, शिक्षकों और सहयोगियों को संदेश भेजा गया। संदेश में 46 हजार रुपये की तत्काल आवश्यकता बताते हुए रकम ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया।

कुछ लोगों को जब संदेश संदिग्ध लगा तो उन्होंने सीधे फोन कर प्रो. सिंह से संपर्क किया। बातचीत में खुलासा हुआ कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम पर लोगों से धन मांग रहा है।

Varanasi: साइबर अपराध शाखा से की शिकायत

घटना की जानकारी मिलते ही प्रो. सिंह ने तत्काल अपनी प्रोफाइल फोटो और स्टेटस अपडेट कर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नाम से भेजे जा रहे किसी भी संदेश पर भरोसा न किया जाए और न ही किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने साइबर पोर्टल (Varanasi) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और क्राइम ब्रांच को पूरे मामले से अवगत कराया।

प्रो. सिंह ने पुलिस को उन संदेशों के स्क्रीनशॉट (Varanasi) भी उपलब्ध कराए हैं, जिनके माध्यम से लोगों को गुमराह कर धन ऐंठने का प्रयास किया गया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कुछ लोग उनकी तस्वीर और पहचान का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, इसलिए किसी भी अज्ञात नंबर से प्राप्त संदेशों को गंभीरता से न लिया जाए।

उल्लेखनीय है कि 55 वर्षीय प्रो. सिद्धार्थ सिंह प्रसिद्ध साहित्यकार काशीनाथ सिंह के पुत्र हैं। वह BHU (Varanasi) में विभागाध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में नव नालंदा महाविहार के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं। इससे पूर्व वर्ष 2018 से 2022 तक उन्होंने विवेकानंद भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिचित के नाम से पैसे मांगने वाले संदेश मिलने पर पहले फोन या अन्य माध्यम से सत्यापन अवश्य करें।

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