Varanasi: शक्ति उपासना और तांत्रिक परंपरा के महापर्व अंबुवाची का शुभारंभ बुधवार से हो गया। पर्व के आरंभ के साथ ही काशी के कमच्छा स्थित प्राचीन मां कामाख्या मंदिर में विशेष वैदिक अनुष्ठानों, पूजन-अर्चन और श्रृंगार के बाद मंदिर के कपाट तीन दिनों के लिए बंद कर दिए गए। अब 26 जून को विशेष पूजा, महाभिषेक और भव्य श्रृंगार के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार पुनः खोल दिए जाएंगे।
तीन दिनों तक नहीं होंगे नियमित दर्शन
धार्मिक मान्यता के अनुसार अंबुवाची पर्व के दौरान मां भगवती रजस्वला होती हैं। इसी कारण इन तीन दिनों तक मंदिर के गर्भगृह (Varanasi) में नियमित पूजा-अर्चना और दर्शन स्थगित रहते हैं। इस अवधि में केवल पुजारीगण निर्धारित विधि-विधान के अनुसार विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
बुधवार सुबह मां कामाख्या (Varanasi) का विशेष श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा के बाद गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगल की कामना की।
Varanasi: 26 जून को होगा महाभिषेक, खुलेंगे कपाट
मंदिर के प्रधान पुजारी देवेंद्रपुरी ने बताया कि अंबुवाची पर्व के दौरान तीन दिनों तक गर्भगृह पूरी तरह बंद रहेगा। 26 जून को विशेष वैदिक अनुष्ठानों के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर मां का भव्य श्रृंगार, श्रीमहामुद्रा यंत्र का महाभिषेक और विशेष पूजा (Varanasi) संपन्न होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को श्रीमहामुद्रा यंत्र और मां कामाख्या के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
प्रधान पुजारी ने बताया कि पर्व के समापन के बाद 30 जून को मां को अर्पित पवित्र चुनरी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी। मान्यता है कि इस पावन चुनरी को घर में स्थापित करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य, सकारात्मक ऊर्जा और देवी कृपा का वास होता है।
अंबुवाची पर्व (Varanasi) को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। 26 जून को कपाट खुलने के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है।

