Varanasi: लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड के बाद वाराणसी में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहरभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 35 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया है। वहीं 20 संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। सील किए गए सभी संस्थानों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर शहर को पांच जोनों में बांटकर विशेष अभियान चलाया गया। जांच में सामने आया कि कई संस्थान बिना मानचित्र स्वीकृति, आवश्यक अनुमति और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित हो रहे थे। अधिकारियों ने इसे छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं : पूर्ण बोरा
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन संस्थानों (Varanasi) को पहले नोटिस दिए गए थे और जिन्होंने समय रहते नियमों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों को भवन मानकों, स्वीकृत मानचित्र और सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत की गई है और आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा।
Varanasi: पांच जोनों में हुई व्यापक कार्रवाई
अभियान (Varanasi) के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में कई बड़े संस्थानों पर कार्रवाई की गई।
- जोन-1 (पांडेयपुर, भरलाई, टैगोर टाउन): रैंकर्स कोचिंग, ट्राइस क्लासेज, एपिस ट्यूटोरियल्स, कौटिल्य एकेडमी और मोमेंटम कैरियर क्लासेज समेत कई संस्थान सील किए गए।
- जोन-2 (सारनाथ, आशापुर): एक लाइब्रेरी और एक कोचिंग संस्थान पर कार्रवाई हुई।
- जोन-3 (सिगरा, महमूरगंज): कई प्रशिक्षण केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में आवश्यक स्वीकृतियां नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई।
- जोन-4 (दुर्गाकुंड, संकटमोचन): इसरो कोचिंग, इंडिविजुअल कोचिंग, अड्डा कोचिंग और माइक्रोटेक कोचिंग (Varanasi) को सील किया गया।
- जोन-5 (रामनगर, कटेसर, साहित्यनाका, कैलाशपुरी, नई बस्ती): सबसे अधिक संस्थानों और लाइब्रेरी पर कार्रवाई की गई।
फायर विभाग की जांच में भी मिलीं गंभीर खामियां
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में अग्निशमन विभाग ने भी 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में कई गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। भोजूबीर स्थित पीडब्ल्यू विद्यापीठ में मुख्य सीढ़ी बाधित मिली, जिससे आपातकालीन (Varanasi) निकासी प्रभावित हो सकती थी।
वहीं कौटिल्य कोचिंग सेंटर और मोमेंटम कोचिंग सेंटर में सीढ़ियों के पास एयर कंडीशनर (Varanasi) की बाहरी यूनिट लगी मिली, जो अग्नि सुरक्षा मानकों के विपरीत है। पांडेयपुर स्थित लक्ष्य कोचिंग सेंटर निरीक्षण के समय बंद मिला। फायर विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में सुरक्षा संबंधी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
छात्रों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
प्रशासन (Varanasi) का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में अध्ययन करते हैं। ऐसे में भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
वीडीए और अग्निशमन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी संयुक्त निरीक्षण अभियान (Varanasi) जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि सभी संचालकों से तत्काल आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

