वाराणसी: इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का झटका अब भारत के बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कॉमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। वाराणसी में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जहां कई रेस्टोरेंट और कैफे मालिक परेशान हैं और कुछ दिनों में अपनी दुकानें बंद करने की नौबत आ सकती है।
मजबूरन बंद करनी पड़ सकती है दुकानें
व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस एजेंसियों से 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है। कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि गैस खत्म होने पर उन्हें मजबूरन दुकान बंद करनी पड़ सकती है, जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी खतरा मंडराने लगा है। एजेंसियों से संपर्क करने पर सिर्फ यही जवाब मिलता है कि नया स्टॉक अभी नहीं आया है और आने का कोई पक्का समय नहीं बताया जा रहा। इससे कारोबारियों में हताशा और चिंता दोनों बढ़ गई है।

रेस्टूरेंट संचालक ने कहा- सरकार इस समस्या पर गंभीर नहीं
शहर के महमूरगंज इलाके में स्थित मॉलिक्यूल (Molecule) कैफे के मालिक सौरभ सिंह का कहना है कि, सरकार इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह कॉमर्शियल गैस सिलेंडर मिल जाए, लेकिन फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पा रहा। हमारे पास खाना बनाने का मुख्य साधन गैस ही है। इलेक्ट्रिक उपकरणों पर पूरी तरह निर्भर रहना व्यावहारिक नहीं है। पिछले कुछ दिनों से ग्राहक भी कम आ रहे हैं। अभी हमने मेन्यू में कोई कटौती नहीं की, लेकिन अगर यही हाल रहा तो हमें बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।

रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो शहर के छोटे-बड़े कई रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। इससे न सिर्फ कारोबार को भारी नुकसान होगा, बल्कि यहां काम करने वाले दर्जनों युवाओं की नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं।
व्यापारियों ने प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित तेल कंपनियों से तत्काल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बहाल करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समस्या हल नहीं हुई तो होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

