वाराणसी। मिडिल-ईस्ट में छिड़े युद्ध के कारण भारत में रसोई गैस (LPG) की किल्लत गहरा गई है, जिसके चलते पूरे देश भर में इसका प्रभाव देखा जा रहा है। इसी बीच वाराणसी (काशी) के प्रसिद्ध मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट में भी यह संकट पहुंच गया है। यहां की एक शाखा में प्रसाद बनना पूरी तरह बंद हो गया है, जबकि दूसरी में मेन्यू में कटौती की जा रही है। वहीं इसे लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट कर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।
अजय राय ने अपने ट्वीट में लिखा है, धर्म की नगरी काशी में आज जो हुआ वह हृदयविदारक है। गैस की किल्लत और बेतुके सरकारी नियमों के कारण माँ अन्नपूर्णा मंदिर में आज प्रसाद नहीं बन सका। लाखों भक्त खाली हाथ लौटे।
उन्होंने आगे कहा, भाजपा सरकार ने अपनी कुनीतियों से काशी की ‘अन्नदान’ की महान परंपरा पर ग्रहण लगा दिया है। बाबा विश्वनाथ देख रहे हैं!
देखें ट्वीट
धर्म की नगरी काशी में आज जो हुआ वह हृदयविदारक है।
— Ajay Rai🇮🇳 (@kashikirai) March 14, 2026
गैस की किल्लत और बेतुके सरकारी नियमों के कारण माँ अन्नपूर्णा मंदिर में आज प्रसाद नहीं बन सका। लाखों भक्त खाली हाथ लौटे।
भाजपा सरकार ने अपनी कुनीतियों से काशी की 'अन्नदान' की महान परंपरा पर ग्रहण लगा दिया है।
बाबा विश्वनाथ देख…

काशी को मां अन्नपूर्णा की नगरी कहा जाता है, जहां मान्यता है कि कोई भी भूखा नहीं सोता। मां अन्नपूर्णा हर किसी का पेट भरती हैं। लेकिन अब गैस की कमी से यह परंपरा टूटती नजर आ रही है। मां अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी शाखा में रसोई पूरी तरह बंद हो गई है। ट्रस्ट के लोगों ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर खत्म हो चुके हैं और नए नहीं मिल रहे, जिस वजह से प्रसाद बनाना संभव नहीं हो पा रहा।

बता दें कि यह ट्रस्ट करीब 25 साल पहले महंत रामेश्वर पुरी द्वारा शुरू किया गया था। उनका प्रण था कि यहां कभी प्रसाद बनना बंद नहीं होगा। कोरोना काल में भी यहां रोजाना हजारों लोगों को भोजन मिलता रहा। सामान्य दिनों में 8 से 10 हजार श्रद्धालु यहां प्रसाद ग्रहण करते हैं, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि दूर-दराज से आए भक्त निराश लौट रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि गैस न होने से प्रसाद उपलब्ध नहीं है।
ट्रस्ट की पहली शाखा में अभी प्रसाद की व्यवस्था जारी है, लेकिन वहां भी गैस बचाने के लिए सावधानी बरती जा रही है।
श्रद्धालुओं में निराशा
विभिन्न राज्यों से काशी पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि वे मां अन्नपूर्णा के प्रसाद के लिए उत्सुक थे, लेकिन ट्रस्ट पहुंचने पर खाली हाथ लौटना पड़ा। एक श्रद्धालु ने कहा, भक्ति और श्रद्धा के साथ आए थे, लेकिन गैस न मिलने से सब व्यर्थ हो गया। कई लोग इसे मां की कृपा पर संकट मान रहे हैं।

