Varanasi: काशी विश्वनाथ और महाकाल धाम के बीच हुआ एमओयू, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिलेगी पहचान

Varanasi: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश मिलकर सुशासन, सांस्कृतिक समन्वय और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत लिखेंगे। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव ने वाराणसी प्रवास के दौरान कही। उन्होंने एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 के समापन समारोह में शिरकत किया।

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (Varanasi) को धार्मिक पर्यटन प्रबंधन का उत्कृष्ट मॉडल बताते हुए उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए उपयोगी बताया। इस दौरान काशी और महाकाल धाम के बीच व्यवस्थाओं के आदान-प्रदान हेतु एमओयू भी हुआ।

Varanasi में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026

वाराणसी में आयोजित “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” का भी सफल समापन हुआ, जिसमें दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, सांस्कृतिक, पर्यटन और ओडीओपी क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा मिली। सम्मेलन में निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प और बाजार विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

वाराणसी (Varanasi) के काशी विश्वनाथ मंदिर और उज्जैन के महाकाल मंदिर में क्राउड मैनेजमेंट की तकनीक की जानकारी के लिए काशी विश्वनाथ ट्रस्ट मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने उज्जैन के आयुक्त के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह साझेदारी न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक चीजों को भी बढ़ावा देगी।

सम्मेलन में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और राकेश सचान भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी इसमें दोनों राज्यों की प्रमुख जीआई उत्पादों को प्रमुखता से दर्शाया गया था

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