1700 करोड़ रूपये से VDA बनाएगा तीन नई टाउनशिप, बनारस में हाईटेक विकास की रफ्तार तेज

वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) शहर के सुनियोजित विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। बनारसवासियों को जल्द ही तीन नई हाईटेक टाउनशिप की सौगात मिलने वाली है। ये टाउनशिप मढ़नी, गंजारी और कल्लीपुर क्षेत्रों में विकसित की जाएंगी, जिन पर लगभग 1700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2,866.20 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट तैयार कर शासन को भेज दिया है। इस बजट को इसी महीने होने वाली बोर्ड बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

VDA के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के अनुसार, प्राधिकरण को अपनी विभिन्न परियोजनाओं से 2,070.61 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 448 प्रतिशत अधिक है। वहीं, 2,069.07 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से लगभग 343 प्रतिशत ज्यादा है।

1073 वर्ग किलोमीटर में फैला कार्यक्षेत्र

VDA का कार्यक्षेत्र अब गंगा नदी के दोनों किनारों तक फैल चुका है, जिससे यह भौगोलिक रूप से दो हिस्सों में विभाजित हो गया है। प्राधिकरण का कुल विकास क्षेत्र बढ़कर 1073 वर्ग किलोमीटर हो गया है, जिसमें नगर क्षेत्र के साथ-साथ सैकड़ों गांव भी शामिल हैं।

बजट में शहर के नियोजित विस्तार, नई टाउनशिप, सड़कों के निर्माण, सीवर लाइन और जल निकासी व्यवस्था जैसी आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत जमीन की बिक्री और भूमि मुआवजा होगा, जिससे लगभग 1,206.31 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। इसके अलावा, विभिन्न योजनाओं और पूंजीगत मदों में करीब 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

VDA चल रही परियोजनाएं और भूमि अधिग्रहण

वित्तीय वर्ष 2025-26 में VDA ने 378 करोड़ रुपये की आय और 467.50 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया था। वर्तमान में प्राधिकरण मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत चार बड़ी आवासीय परियोजनाओं पर भूमि अधिग्रहण और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

नई टाउनशिप योजनाओं के तहत चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 1700 करोड़ रुपये भू-मुआवजा के रूप में वितरित किए जाएंगे। इसे इन परियोजनाओं को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की स्थापना 19 अगस्त 1974 को शहर के समग्र विकास के उद्देश्य से की गई थी। शुरुआत में इसका कार्यक्षेत्र 793 वर्ग किलोमीटर था, जिसमें 635 गांव शामिल थे। वर्ष 2024 में 215 नए राजस्व ग्रामों के जुड़ने के बाद अब इसका दायरा बढ़कर 1073 वर्ग किलोमीटर हो गया है।

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