काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के आयुर्वेद संकाय परिसर में शनिवार को अचानक लगी आग ने अफरा-तफरी मचा दी। रचना शारीर विभाग के पीछे बने अस्थायी गोदाम में आग लगने से लाखों रुपये की निर्माण सामग्री जलकर खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते ज्वलनशील पदार्थों को हटा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कैसे लगी आग?
घटना आईएमएस (इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) परिसर (BHU) में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बने गोदाम में हुई। यहां निर्माण सामग्री, उपकरण और अन्य सामान रखा गया था। अचानक आग लगने से कुछ ही देर में लपटें तेज हो गईं और पूरा गोदाम आग की चपेट में आ गया। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी कारणों की आशंका जताई जा रही है।
गोदाम में 10–12 गैस सिलेंडर और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थ भी मौजूद थे। आग लगते ही कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए इन्हें तुरंत बाहर निकाल लिया। यदि ये आग की चपेट में आ जाते, तो विस्फोट से बड़ा नुकसान हो सकता था।
BHU परिसर में मची अफरा-तफरी
घटना के समय आयुर्वेद संकाय (BHU) में कक्षाएं चल रही थीं। धुआं और आग की लपटें उठती देख छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल फर्नीचर और अन्य सामान को हटाकर आग फैलने से रोकने की कोशिश की गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग बुझाने में काफी समय लगा, लेकिन दमकल कर्मियों (BHU) की तत्परता से स्थिति नियंत्रित हो गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन (BHU) ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

