Varanasi: दालमंडी में शनिवार को चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। सुबह से ही इलाके में बुलडोजर, पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी मौजूदगी रही। करीब 43 से 45 भवनों को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई, जिसके चलते पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
लोक निर्माण विभाग (PWD) और विकास प्राधिकरण की टीम (Varanasi) ने शुक्रवार को ही ध्वनि यंत्रों के माध्यम से मुनादी कराकर मकान मालिकों और दुकानदारों को भवन खाली करने की अंतिम चेतावनी दे दी थी। शनिवार सुबह से गलियों में मशीनों की आवाज और प्रशासनिक हलचल तेज रही। कार्रवाई के दौरान कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी गई, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 300 पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों की तैनाती की गई।
3 दिन में 43 भवनों को होना है धवस्त
अधिकारियों के अनुसार दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 181 भवन और 6 मस्जिदें चिन्हित की गई हैं। अब तक 61 भवनों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और करीब 39 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रभावित लोगों को दिया जा चुका है। इससे पहले 60 से अधिक भवनों को गिराया जा चुका था, जबकि अब अगले तीन दिनों में 43 और भवनों को ध्वस्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य दालमंडी की संकरी गलियों को चौड़ा कर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है। करीब 650 मीटर लंबी सड़क को लगभग 17 मीटर चौड़ा (Varanasi) किया जाएगा। नई सड़क को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें अंडरग्राउंड बिजली और इंटरनेट लाइन, सीवर और स्ट्रॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम, चौड़े फुटपाथ, हरियाली और हेरिटेज लाइट्स लगाई जाएंगी।
Varanasi: विश्वनाथ धाम से जोड़ी जा रही परियोजना
परियोजना (Varanasi) को काशी विश्वनाथ धाम से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ी होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी तथा पुराने शहर में जाम की समस्या कम होगी। हालांकि स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में कार्रवाई को लेकर चिंता और नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें सामान हटाने और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए।
संवेदनशील माने जाने वाले मुस्लिम बाहुल्य इलाके में प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मस्जिदों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया और आपसी संवाद के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दौरान इस परियोजना की समीक्षा कर अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने चौड़ीकरण अभियान को तेज कर दिया है।

